इंटरनेशनल लेबर मोबिलिटी कॉन्क्लेव के उद्घाटन में अनिल राजभर, यूरोप में भारतीय श्रमिकों की मांग पर बोले
वाराणसी में आयोजित इंटरनेशनल लेबर मोबिलिटी कॉन्क्लेव के उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय श्रमिकों की बढ़ती मांग और उन्हें इसके लिए तैयार करने की सरकारी रणनीति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया की जरूरतों के अनुसार देश के मैनपावर को स्किल्ड बनाना समय की मांग है और इसी उद्देश्य से विभिन्न स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा सके।
अनिल राजभर ने बताया कि खासतौर पर यूरोपियन देशों में भारतीय श्रमिकों की भारी मांग है और वहां बड़े पैकेज के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश और देश के युवाओं को ऐसी स्किल दी जाए, जिससे वे वैश्विक श्रम बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकें और बेहतर आय अर्जित कर सकें।
इस दौरान सदन में भगवान श्रीराम से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष के विरोध को लेकर भी कैबिनेट मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने पहले ही भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारने का काम किया है और यही वजह है कि जहां भी राम की बात आती है, वे चिढ़ जाते हैं और विरोध करने लगते हैं। उनके मुताबिक, यह विरोध उनकी सोच और राजनीतिक मानसिकता को उजागर करता है।
इसके अलावा कोलकाता के स्लम इलाके में लगी भीषण आग पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल राजभर ने पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार पूरी तरह घबराई हुई है और हालात को संभालने में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वहां वोटर लिस्ट की शुद्धता का काम चुनाव आयोग कर रहा है और इसी घबराहट में राज्य सरकार कोई भी कदम उठा सकती है।
कैबिनेट मंत्री के इन बयानों से जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय श्रम बाजार में भारत की भूमिका और सरकार की योजनाओं का संकेत मिलता है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजनीति और राज्यों की प्रशासनिक स्थिति को लेकर भी तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली।