मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई

रेपो रेट पर RBI का अहम फैसला जल्द, क्या सस्ते होंगे पर्सनल लोन ?

रेपो रेट पर RBI का अहम फैसला जल्द, क्या सस्ते होंगे पर्सनल लोन ?

भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने फरवरी माह में रेपो रेट में 0.25% की कटौती करते हुए इसे 6.25 प्रतिशत कर दिया था। यह कटौती पिछले पाँच वर्षों में पहली बार की गई थी। अब सिटीबैंक के ताज़ा अनुमानों के अनुसार, RBI अपनी आगामी मौद्रिक नीति बैठक, जो 7 से 9 अप्रैल के बीच होनी है, में एक और 0.25% की कटौती कर सकता है।

बैंक ऑफ अमेरिका के ग्लोबल रिसर्च का भी अनुमान है कि वर्ष 2025 के अंत तक रेपो रेट 5.5 प्रतिशत तक आ सकती है। यह इसलिए संभव है क्योंकि देश में मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और आर्थिक वृद्धि स्थिर बनी हुई है। ऐसे में RBI के पास दरों में और कमी करने की गुंजाइश दिखती है। अगर वर्षभर में कुल 1 प्रतिशत यानी 100 आधार अंकों की कटौती होती है, तो फरवरी में की गई 0.25% की कटौती भी उसमें शामिल होगी।

इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। अगर रेपो रेट घटती है, तो बैंक भी कम ब्याज दर पर लोन देना शुरू करते हैं, जिससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसी सुविधाओं पर ईएमआई में राहत मिल सकती है।

रेपो रेट क्या है?

सरल भाषा में समझें, तो रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है, बदले में बैंक सरकारी बॉन्ड्स या सिक्योरिटीज़ जमा करते हैं। वर्तमान में यह दर 6.25 प्रतिशत है।

इसका उपभोक्ताओं को क्या लाभ होता है?

बैंक जब RBI से उधार लेते हैं, तो उन्हें एक निश्चित ब्याज दर चुकानी पड़ती है, जिसे रेपो रेट कहते हैं। यदि यह दर कम होती है, तो बैंकों की उधारी लागत भी घटती है। इससे वे उपभोक्ताओं को भी कम ब्याज पर लोन दे सकते हैं। इस तरह आम ग्राहक को सस्ती ईएमआई का फायदा मिलता है।

Share This
अगला लेख → भारत में कोल्डप्ले को पीछे छोड़ेंगे ये नए धाकड़ सिंगर, पहले …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,655 +889 (+1.16%)
निफ्टी 24,250 +265 (+1.1%)
मौसम
29°C
Patchy rain nearby
💧 79% 💨 4 km/h
Dehradun