20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज से बनेगा ‘आत्म-निर्भर’ भारत
नई दिल्ली – आज देश के नाम सन्देश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है. विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं. सारी दुनिया, जिंदगी बचाने की जंग में जुटी है उन्होंने कहा कि थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है. सतर्क रहते हुए, ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए, अब हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में कहा कि एक राष्ट्र के रूप में आज हम एक बहुत ही अहम मोड़ पर खड़े हैं. इतनी बड़ी आपदा, भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है. जब कोरोना संकट शुरु हुआ, तब भारत में एक भी PPE किट नहीं बनती थी. एन-95 मास्क का भारत में नाम मात्र का ही उत्पादन होता था. आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर दिन 2 लाख PPE और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने देश को मजबूत करने की बात बोलते हुए कहा की हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे, और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है. ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है. जिससे देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा. 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में लैंड, लेबर, Liquidity और Laws, सभी पर बल दिया गया है. ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है.
हालांकि प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन को बढ़ने को लेकर कहा की इसका चौथा चरण पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा, नए नियमों वाला होगा. राज्यों से हमें जो सुझाव मिल रहे हैं, उनके आधार पर लॉकडाउन 4 से जुड़ी जानकारी भी आपको 18 मई से पहले दी जाएगी.