दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, परीक्षा विवादों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर से आए युवाओं और समर्थकों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। अमेरिका से भारत पहुंचे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर पर अनुमति दी थी। प्रदर्शन के मद्देनजर इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। दिन चढ़ने के साथ प्रदर्शन स्थल पर युवाओं की भीड़ बढ़ती गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी होती रही।
अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के युवाओं को लंबे समय से वास्तविक मुद्दों से भटकाया जा रहा है, जबकि रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे सवाल पीछे छूट गए हैं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और जवाबदेही की मांग के लिए है। दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि केवल किसी मंत्री के इस्तीफे की मांग से ज्यादा जरूरी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और स्थायी सुधार हैं। वांगचुक ने सुझाव दिया कि नेताओं और सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव लाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की मांग का प्रतीक है।
जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कई नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग भी उठाई। इस दौरान माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा और बड़ी संख्या में छात्र-युवा अपनी मांगों के समर्थन में जुटे रहे।
प्रदर्शन के बीच कुछ लोगों द्वारा विरोधी नारेबाजी किए जाने से थोड़ी देर के लिए तनाव की स्थिति भी बनी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया। पुलिस ने संभावित टकराव की आशंका को देखते हुए छह लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया।
इस बीच एनसीपी के महासचिव रोहित पवार ने भी आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा संबंधी विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर युवाओं में बढ़ता असंतोष इस प्रदर्शन में साफ दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान समय रहते किया जाना चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे।
दिनभर चले इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। प्रदर्शन समाप्त होने तक आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में देशभर में इसी तरह के शांतिपूर्ण अभियान चलाए जाएंगे।

