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‘आलोचकों ने हमें और बेहतर बनाया’, सीजेपी की जीत के बाद अभिजीत दीपके का पहला वीडियो संदेश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और 37 दिन तक चले छात्र आंदोलन के पहले चरण की समाप्ति के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर समर्थकों और आलोचकों दोनों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन की सफलता लाखों युवाओं की जीत है और शिक्षा सुधार की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

‘आलोचकों ने हमें और बेहतर बनाया’, सीजेपी की जीत के बाद अभिजीत दीपके का पहला वीडियो संदेश

नई दिल्ली, 26 जुलाई 2026 (यूएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और 37 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के पहले चरण के समाप्त होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को सोशल मीडिया पर अपना पहला वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने आंदोलन से जुड़े छात्रों, स्वयंसेवकों, समर्थकों और यहां तक कि आलोचकों का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संघर्ष ने उन्हें पहले से अधिक मजबूत और जिम्मेदार बनाया है।

वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि बीते 37 दिन उनके जीवन के सबसे कठिन दौर में से एक रहे। आंदोलन की रणनीति, छात्रों की सुरक्षा और आगे की दिशा को लेकर लगातार चिंता बनी रही, लेकिन पहले चरण के सफल समापन के बाद उन्हें पहली बार मानसिक शांति का अनुभव हुआ और कई दिनों बाद सुकून की नींद मिली।

उन्होंने बताया कि आंदोलन केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि जंतर-मंतर पर डटे हजारों छात्रों और स्वयंसेवकों के लिए भी कठिन परीक्षा थी। कई युवाओं ने अपनी पढ़ाई, नौकरी और निजी जिम्मेदारियों के साथ आंदोलन को लगातार जारी रखा। उनके अनुसार, आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत हजारों छात्रों का अनुशासन, धैर्य और समर्पण रहा, जिसने इसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।

अभिजीत दीपके ने खुलासा किया कि आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत भी खराब हो गई थी। उन्हें टाइफाइड और तेज बुखार था, लेकिन इसके बावजूद वे आंदोलन से जुड़े रहे। स्वास्थ्य कारणों से वे सभी समर्थकों से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि आंदोलन में योगदान देने वाले हर छात्र और स्वयंसेवक का देश हमेशा ऋणी रहेगा।

दीपके ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और सरकार की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासन आंदोलन का अंतिम लक्ष्य नहीं हैं। उन्होंने इसे केवल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए अभी लंबा संघर्ष बाकी है। उन्होंने कहा कि सीजेपी भविष्य में भी शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।

उन्होंने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई में एक व्यंग्यात्मक पहल के रूप में हुई थी, जो धीरे-धीरे राष्ट्रीय छात्र आंदोलन में बदल गई। देशभर से हजारों छात्र जंतर-मंतर पहुंचे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक तथा जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन में शामिल हुए।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हुई बातचीत के पश्चात सीजेपी ने आंदोलन के पहले चरण को समाप्त करने की घोषणा की। संगठन का दावा है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने सहित कई प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा सुधारों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई तो आगे की रणनीति तय कर आंदोलन को नए चरण में ले जाया जाएगा।

अपने संदेश में अभिजीत दीपके ने आलोचकों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा, “आलोचकों ने हमें और बेहतर बनाया।” उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उठे कई सवाल उचित थे, जिन्होंने संगठन को अपनी कमियों को समझने और अधिक जिम्मेदारी तथा पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके अनुसार, किसी भी जनआंदोलन को मजबूत बनाने में रचनात्मक आलोचना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

वीडियो के अंत में दीपके ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की है जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने दोहराया कि आंदोलन का पहला चरण समाप्त हुआ है, लेकिन शिक्षा सुधार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए सीजेपी का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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