परिवार में बवाल: साधु यादव का तेजस्वी पर हमला—‘रोहिणी को सताया, लालू को मजबूर किया
लालू प्रसाद यादव के साले और पूर्व सांसद साधु यादव ने एक बार फिर परिवारिक कलह को खुलकर सामने लाते हुए तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साधु यादव का कहना है कि पार्टी और परिवार दोनों में जो उथल-पुथल हो रही है, उसके लिए सीधे तौर पर तेजस्वी जिम्मेदार हैं। उनका दावा है कि तेजस्वी की शह पर कुछ बाहरी लोग घर और पार्टी में दखल देने लगे हैं, जिनकी वजह से परिवार बिखर रहा है और लालू यादव के बेहद करीब रही रोहिणी आचार्या तक को सताया जा रहा है।
साधु यादव ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए ऐसे लोगों पर भरोसा कर रहे हैं, जो परिवार और पार्टी दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर संजय यादव और रमीज का नाम लेते हुए कहा कि इन दोनों ने लालू परिवार में घुसपैठ कर ली है। साधु यादव का दावा है कि रमीज उत्तर प्रदेश का बड़ा गुंडा है और मुख्तार अंसारी के रिश्तेदारों में से है। उनका कहना है कि ऐसे लोगों की बातें मानकर तेजस्वी यादव परिवार के मूल लोगों को ही दूर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी के इसी रवैये ने पहले तेज प्रताप को किनारे किया, फिर रोहिणी को अपमान सहना पड़ा और अब पूरा परिवार तनाव में है। साधु यादव के अनुसार रोहिणी ने खुद अपनी तकलीफ की तस्वीरें भेजी हैं, जिन्हें देखकर लालू और राबड़ी तक भावुक हो गए। उनका आरोप है कि बीमारी की वजह से लालू प्रसाद फिलहाल ज्यादा बोल नहीं रहे हैं, और इसी कमजोरी का फायदा उठाकर फैसले तेजस्वी के इर्द-गिर्द मौजूद कुछ लोग ले रहे हैं।
साधु यादव ने साफ शब्दों में कहा कि तेजस्वी अगर इन बाहरी लोगों को बाहर नहीं निकालते, तो उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लालू यादव को अब चुप नहीं रहना चाहिए, क्योंकि बिहार की जनता आज भी उन्हें सुनने और मानने को तैयार है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि संजय यादव को बिहार छोड़ देना चाहिए, वरना हालात बिगड़ सकते हैं। साधु यादव का कहना है कि वर्तमान स्थिति में पार्टी का नुकसान तय है और परिवार टूटने की कगार पर पहुंच चुका है।
साधु यादव ने यह भी दावा किया कि संजय यादव और रमीज की प्लानिंग के कारण ही उन्हें परिवार और पार्टी से दूर किया गया। उनका कहना है कि इन दोनों ने लालू यादव के भरोसे का फायदा उठाया और अब वही लोग तेजस्वी को भी गलत दिशा में ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि राज्य की राजनीति के लिए भी नुकसानदेह है। साधु यादव का मानना है कि समय रहते कदम उठाए गए तो हालात संभल सकते हैं, वरना पार्टी और परिवार दोनों लगातार कमजोर होते जाएंगे।