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23 महीने बाद मिली आज़ादी खत्म? पैन कार्ड केस में आजम–अब्दुल्ला फिर फंस गए

23 महीने बाद मिली आज़ादी खत्म? पैन कार्ड केस में आजम–अब्दुल्ला फिर फंस गए

रामपुर की अदालत ने पैन कार्ड से जुड़े एक पुराने मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला खान को दोषी करार दिया है। हाल ही में 23 महीने बाद जेल से रिहा हुए आजम खान के लिए यह फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है। अदालत ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई है, जिसके बाद उनके फिर से जेल जाने की पूरी संभावना बन गई है। रिहाई के बाद आजम खान राजनीतिक रूप से सक्रिय होने लगे थे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उनसे मिलने रामपुर भी पहुंचे थे, लेकिन अब कोर्ट के इस फैसले ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पैन कार्ड वाले इस पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई थी, जब आरोप लगाया गया कि अब्दुल्ला खान ने विधायक चुनाव लड़ने के लिए अपनी जन्मतिथि में हेरफेर किया था। शिकायत के अनुसार अब्दुल्ला ने अपनी उम्र बढ़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किए और एक अलग जन्मतिथि के आधार पर दूसरा पैन कार्ड बनवाया। कहा गया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में आजम खान ने अपने बेटे का साथ दिया और उसकी मदद की, जिसके बाद अब्दुल्ला ने चुनाव लड़ा था।

इस मामले में आजम खान और अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था और एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। अदालत ने मामला चलने देने का फैसला किया था। अब रामपुर कोर्ट ने दोनों को दोषी मानकर सजा सुना दी है, जिससे पिता-पुत्र की कानूनी मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं।

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