मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस

उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस

दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में आरोपी उमर खालिद की नियमित जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने खालिद की अंतरिम जमानत याचिका पर भी नोटिस देते हुए मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को तय की है। इसी दिन इस मामले के सह-आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी।

यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे कथित बड़ी साजिश से जुड़े UAPA केस का है। उमर खालिद ने कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा उनकी जमानत याचिका तीन बार खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। इससे पहले निचली अदालत ने 4 जुलाई को उमर खालिद और शरजील इमाम, दोनों की जमानत अर्जियां यह कहते हुए खारिज कर दी थीं कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही UAPA मामलों में जमानत से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न को बड़ी पीठ के पास भेज चुका है।

उमर खालिद ने नियमित जमानत के साथ-साथ अंतरिम जमानत की भी मांग की है। उनकी दलील है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट यह तय नहीं कर देता कि लंबे समय तक जेल में रहने और मुकदमे में देरी की स्थिति में UAPA जैसे कानूनों के तहत जमानत पर लगी पाबंदियों में राहत दी जा सकती है या नहीं, तब तक उन्हें अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए।

अपील में उमर खालिद ने यह भी कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने उनकी नई जमानत याचिका पर राहत देने से इनकार कर गलती की। उनका तर्क है कि परिस्थितियों में बदलाव और सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों को देखते हुए उनकी अर्जी पर नए सिरे से विचार किया जाना चाहिए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने मई 2026 में इस कानूनी मुद्दे पर अलग राय व्यक्त की थी, जिसके बाद मामला बड़ी पीठ को भेजा गया।

वहीं, ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के आदेश से बंधी हुई है और उसके पास उससे अलग जाकर जमानत देने का अधिकार नहीं है। इसलिए अदालत ने याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया था। अब इस पूरे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली पुलिस का पक्ष सुनने के बाद आगे की सुनवाई में जमानत याचिका पर फैसला करेगा।

Share
अगला लेख → संसद में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अनोखा प्रदर्शन, संत बनकर …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *