CJP के तिरंगा मार्च पर रोक लगाने से हाई कोर्ट का इनकार, दिल्ली पुलिस बोली- कार्रवाई करेंगे
दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च को लेकर कानूनी विवाद सामने आया है। कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने संगठन को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए अलग से आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। वहीं, दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि वह CJP और अभिजीत दिपके के खिलाफ आवश्यक कदम उठाएगी। मामले की अगली सुनवाई अब 3 नवंबर को होगी।
यह याचिका स्ट्रीट वेंडर अनिल कुमार गुप्ता ने दायर की थी। उन्होंने अदालत से कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि CJP ने प्रदर्शन का आह्वान किया है, लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस ने अभिजीत दिपके के खिलाफ अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया।
याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस से उसका पक्ष पूछा। पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि CJP और अभिजीत दिपके के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि इस तरह की गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं।
पुलिस का पक्ष सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर के लिए तय कर दी। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील सचिन पुरी ने अदालत से विशेष रूप से CJP को प्रदर्शन करने से रोकने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने दलील दी कि यदि आदेश का उल्लंघन होता है, तो उसके आधार पर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है। हालांकि, पीठ ने कहा कि वह पहले ही आदेश पारित कर चुकी है और इस मामले में आगे दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता अनिल कुमार गुप्ता ने अपनी याचिका में कनॉट प्लेस के व्यावसायिक महत्व का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि कनॉट प्लेस दिल्ली के प्रमुख कारोबारी केंद्रों में से एक है और त्योहारी सीजन के दौरान यहां प्रदर्शन होने से व्यापारियों को भारी नुकसान हो सकता है। याचिका में आशंका जताई गई कि प्रदर्शन के कारण कारोबार प्रभावित होगा और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल, दिल्ली हाई कोर्ट ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए अलग से आदेश देने से इनकार किया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने संगठन और अभिजीत दिपके के खिलाफ कदम उठाने की बात कही है। अब इस मामले में आगे की स्थिति 3 नवंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान स्पष्ट हो सकती है।