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Axiom-4 मिशन: फाल्कन 9 से अंतरिक्ष रवाना हुए शुभांशु शुक्ला, भेजा पहला संदेश – “मेरे कंधे पर तिरंगा है”

Axiom-4 मिशन: फाल्कन 9 से अंतरिक्ष रवाना हुए शुभांशु शुक्ला, भेजा पहला संदेश – “मेरे कंधे पर तिरंगा है”

भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण – भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अब आधिकारिक रूप से अंतरिक्ष की ओर रवाना हो चुके हैं। उनका स्पेसक्राफ्ट स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर बढ़ रहा है। Axiom-4 मिशन का यह लॉन्च 25 जून को भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12 बजे अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर से हुआ। स्पेस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को रवाना किया गया, जिसमें शुभांशु शुक्ला मिशन के पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। इस मिशन को इससे पहले कई बार तकनीकी कारणों से टालना पड़ा था, लेकिन अब यह सफलतापूर्वक लॉन्च हो चुका है, जिससे देशभर में खुशी और गर्व का माहौल है।
शुभांशु और उनकी टीम 28.5 घंटे की यात्रा के बाद 26 जून को शाम करीब 4:30 बजे ISS से डॉक करेंगे। वर्तमान में मिशन अबॉर्ट मोड 2 अल्फा में प्रवेश कर चुका है, जो अंतरिक्ष मिशन के इस चरण का एक सुरक्षा मानक है। सभी सिस्टम सामान्य हैं और अंतरिक्ष यान सुरक्षित गति से कक्षा की ओर बढ़ रहा है।
Axiom-4 के लॉन्च के कुछ समय बाद ही शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से पहला संदेश भेजा। उन्होंने गर्व से कहा, “41 साल बाद भारत दोबारा अंतरिक्ष में पहुंचा है। यह सवारी कमाल की रही। अभी हम 7.5 किमी प्रति सेकेंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं और मेरे कंधे पर तिरंगा लहरा रहा है।
शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू दयाल ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा:
“यह सिर्फ लखनऊ नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का पल है। शुभांशु ने हमारी उम्मीदों पर खरा उतरकर देश का नाम रोशन किया है। हम प्रार्थना करते हैं कि उसका मिशन पूरी तरह सफल हो।” उन्होंने यह भी कहा कि शहर में लगे पोस्टरों को देखकर गर्व महसूस होता है। बता दें कि शुभांशु की शिक्षा भी लखनऊ में ही हुई है, और उनका सफर एक मध्यवर्गीय पृष्ठभूमि से लेकर अंतरिक्ष तक पहुंचने की प्रेरणादायक कहानी बन चुका है। Axiom-4 मिशन ना सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि यह भारत की नई अंतरिक्ष क्षमताओं और वैश्विक भागीदारी का प्रतीक भी है। अब सबकी निगाहें शुभांशु और उनकी टीम के सफल डॉकिंग और अंतरिक्ष प्रयोगों पर टिकी हैं।

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