मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

FY26 में महंगाई से राहत की उम्मीद, RBI ने खुदरा महंगाई का आंकलन कम किया

FY26 में महंगाई से राहत की उम्मीद, RBI ने खुदरा महंगाई का आंकलन कम किया

आम जनता के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। इस साल महंगाई का असर पहले की तरह ज्यादा नहीं होगा। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष (2025-26) की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बताया कि खुदरा महंगाई दर इस साल औसतन 4% के करीब रहेगी, जो कि पहले अनुमानित 4.2% से कम है। इसका मतलब है कि जरूरी सामान, खासकर खाने-पीने की चीजों के दाम स्थिर रहेंगे।

फरवरी 2025 में खुदरा महंगाई दर 3.61% दर्ज की गई थी, जबकि जनवरी में यह 4.26% थी। आरबीआई का कहना है कि महंगाई में और गिरावट आने की उम्मीद है। नए अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में महंगाई दर 3.6%, दूसरी तिमाही में 3.9%, तीसरी तिमाही में 3.8% और चौथी तिमाही में 4.2% रहने की संभावना है।

नीति निर्माताओं का जोर अब आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखने पर है, खासतौर पर तब जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसी दौरान, अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 26% टैरिफ लगाए जाने से भारत को आर्थिक मोर्चे पर नई चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर ने गोल्ड लोन को लेकर एक अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बैंक जल्द ही गोल्ड लोन पर एकसमान दिशानिर्देश लेकर आएगा, जो बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) दोनों पर लागू होंगे। यह नीति स्वर्ण आभूषणों के बदले दिए जाने वाले ऋण को लेकर पारदर्शिता और संतुलन लाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

Share This
अगला लेख → शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी ग…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,453 +687 (+0.89%)
निफ्टी 24,210 +225 (+0.94%)
मौसम
25°C
Light rain shower
💧 92% 💨 4 km/h
Dehradun