मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

Google का बड़ा बदलाव: Chrome और Gemini में इंटीग्रेशन, अब फोन से संवेदनशील डेटा एकत्र करेगा Google l

Google का बड़ा बदलाव: Chrome और Gemini में इंटीग्रेशन, अब फोन से संवेदनशील डेटा एकत्र करेगा Google l

Google ने हाल ही में अपनी Chrome ब्राउज़र में Gemini AI को इंटीग्रेट किया है, जो इसे पिछले वर्षों में सबसे बड़ा अपग्रेड बनाता है। इस नये अवसर के साथ अब Chrome उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन इसी के साथ यूज़र्स के डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी पर भी बड़ी चिंता उठी है.

Surfshark जैसी साइबर सुरक्षा कंपनी ने चेतावनी जारी की है कि Google Chrome और Gemini इंटीग्रेशन अब मोबाइल फोन से 24 तरह के संवेदनशील डेटा एकत्र कर रहे हैं। इसमें यूज़र का नाम, डिवाइस डिटेल्स, ब्राउजिंग हिस्ट्री, प्रोडक्ट इंटरैक्शन, खरीद इतिहास और लोकेशन डेटा शामिल हैं। जबकि Google का दावा है कि ये डेटा केवल सहमति के बाद ही एकत्र किया जाता है, कई रिपोर्ट्स में बिना स्पष्ट अनुमति के भी डाटा कलेक्शन की बात कही गई है.

विशेषज्ञों ने बताया कि Chrome और Gemini के इस डेटा संग्रहण की तीव्रता अन्य ब्राउज़रों की तुलना में कहीं अधिक है। Microsoft Edge और अन्य ब्राउज़रों की तुलना में Chrome का Gemini ज्यादा डेटा लेता है। Google ने यूज़र्स को सलाह दी है कि वे संवेदनशील जानकारी Google के AI मॉडल के साथ साझा करने में सावधानी बरतें। साथ ही उपयोगकर्ता अपने Chrome सेटिंग्स में जाकर लोकेशन, कैमरा आदि ऐप अनुमतियां नियंत्रित कर सकते हैं, लेकिन पूरी तरह से डाटा संग्रहण से बचना संभव नहीं है.

Chromium आधारित Chrome में Gemini AI एक स्मार्ट ब्राउज़िंग असिस्टेंट के रूप में काम करता है, जो यूज़र्स को वेबपेजों के कंटेंट को summarize करने, सवालों के जवाब देने और मल्टी-टैब संवाद करने की सुविधा देता है। साथ ही यह कैलेंडर, यूट्यूब, मैप्स जैसे Google एप्लिकेशन्स के साथ सीधे जुड़ सकता है। इसके नये फीचर्स में स्कैम डिटेक्शन और फेक अलर्ट्स की पहचान भी शामिल है.

Google ने यह स्पष्ट किया है कि Gemini केवल तभी सक्रिय होगा जब यूज़र इसे मैन्युअली ऑन करे। इसके बावजूद, संवेदनशील डेटा संग्रहण की प्रकृति को देखते हुए यूज़र्स को चाहिए कि वे अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को समय-समय पर जांचें और अत्यधिक व्यक्तिगत या संवेदनशील जानकारी में सावधानी बरतें।

Google Chrome और Gemini के इस नए अपडेट में सहूलियत के साथ-साथ प्राइवेसी और डाटा सुरक्षा चुनौतियां भी हैं। स्मार्टफोन यूज़र्स को समझदारी से AI फीचर्स का उपयोग करना चाहिए और अपने डेटा की सुरक्षा के लिए निरंतर सजग रहना चाहिए।

Share This
अगला लेख → INDW vs SLW Live: महिला वर्ल्ड कप 2025 का धमाकेदार आगाज, टॉस…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
25°C
Patchy rain nearby
💧 91% 💨 4 km/h
Dehradun