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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बनेगा मेगा इंटरचेंज, गंगा एक्सप्रेसवे समेत दो राष्ट्रीय राजमार्गों से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के आजाद मार्ग चौराहे के पास मेगा इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके बनने से गंगा एक्सप्रेसवे, आउटर रिंग रोड और दो राष्ट्रीय राजमार्ग सीधे जुड़ेंगे। परियोजना के 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे जाम की समस्या कम होगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बनेगा मेगा इंटरचेंज, गंगा एक्सप्रेसवे समेत दो राष्ट्रीय राजमार्गों से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

लखनऊ, 21 जुलाई। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के आजाद मार्ग चौराहे के पास जल्द ही एक मेगा इंटरचेंज विकसित किया जाएगा। यह इंटरचेंज कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को जोड़ने वाली प्रस्तावित 93 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड को एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अनुसार यह परियोजना वर्ष 2028 तक पूरी होने की संभावना है।

वर्तमान में छह लेन वाले एक्सप्रेसवे पर आजाद मार्ग चौराहे के पास प्रवेश और निकास के लिए केवल दो लेन उपलब्ध हैं, जिससे वाहनों की संख्या बढ़ने पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। प्रस्तावित इंटरचेंज बनने के बाद यातायात अधिक सुगम होगा और वाहनों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।

करीब 4,800 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटाकर लगभग 45 मिनट कर दिया है। एक्सप्रेसवे को प्रतिदिन लगभग 35 हजार वाहनों की क्षमता के अनुरूप विकसित किया गया है, हालांकि फिलहाल इस पर प्रतिदिन करीब 5 हजार वाहन ही संचालित हो रहे हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे और दो राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ेगा नेटवर्क

प्रस्तावित इंटरचेंज के माध्यम से यह एक्सप्रेसवे भविष्य में गंगा एक्सप्रेसवे, कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग, उन्नाव-लालगंज राष्ट्रीय राजमार्ग तथा आउटर रिंग रोड से सीधे जुड़ जाएगा। इससे उन्नाव के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ लखनऊ के सरोजनीनगर और अमौसी-नादरगंज क्षेत्र में स्थित 300 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।

उन्नाव में भी लागू होगा बैरियरलेस टोल सिस्टम

वर्तमान में लखनऊ के दारोगा खेड़ा टोल प्लाजा पर बैरियरलेस टोल प्रणाली लागू है, जबकि उन्नाव में अभी पारंपरिक बैरियर के माध्यम से टोल वसूला जा रहा है। एनएचएआई के अनुसार सफल परीक्षण के बाद उन्नाव में भी जल्द बैरियरलेस टोल सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे यात्रा और अधिक तेज एवं सुगम होगी।

रक्षा और औद्योगिक गलियारों को मिलेगा बड़ा लाभ

यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के भटगांव, उन्नाव के सरांय कटियान में दो चरणों में विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारे के लिए बेहद अहम होगा। बिछिया ब्लॉक के मैंता और बनिगवां गांव में प्रस्तावित रक्षा कॉरिडोर से जुड़ी औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में भी एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी मददगार साबित होगी। आउटर रिंग रोड, इंटरचेंज और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़ने के बाद लखनऊ-उन्नाव-कानपुर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के अवसरों में तेजी आने की उम्मीद है।

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