अप्रैल में GST संग्रह 12.6% बढ़कर अब तक के सबसे बड़े स्तर पर पहुंचा, जानें इसकी कुल राशि
सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2024 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे अधिक मासिक कलेक्शन है। इससे पहले मार्च 2024 में यह आंकड़ा 1.96 लाख करोड़ रुपये था, जबकि अप्रैल 2023 में यह 2.10 लाख करोड़ रुपये था। जीएसटी संग्रह में साल-दर-साल 12.6% की तेज़ वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले 17 महीनों में सबसे अधिक है।
आंकड़ों से पता चलता है कि घरेलू लेन-देन से होने वाला जीएसटी राजस्व 10.7% बढ़कर लगभग ₹1.9 लाख करोड़ हो गया। वहीं, आयातित वस्तुओं से प्राप्त राजस्व 20.8% की वृद्धि के साथ ₹46,913 करोड़ तक पहुंच गया। अप्रैल माह में रिफंड भुगतान की राशि भी 48.3% की वृद्धि के साथ ₹27,341 करोड़ रही। रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 9.1% की वृद्धि के साथ ₹2.09 लाख करोड़ से अधिक हो गया।
दिसंबर 2023 में जीएसटी संग्रह 1.77 लाख करोड़ रुपये रहा था, जो वार्षिक आधार पर 7.3% की वृद्धि थी। यह वृद्धि नवंबर में दर्ज 8.5% की वृद्धि से थोड़ी कम रही, जिसका मुख्य कारण त्योहारों के बाद खपत में गिरावट माना गया। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने बजट में जीएसटी राजस्व में 11% की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जिसके तहत कुल 11.78 लाख करोड़ रुपये संग्रह की उम्मीद है। इसमें केंद्रीय जीएसटी और मुआवजा उपकर भी शामिल हैं।
अपीलीय न्यायाधिकरणों के लिए नियम अधिसूचित
सरकार ने हाल ही में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (प्रक्रिया) नियमों को अधिसूचित किया है। नए नियमों के अनुसार, अब अपीलों की ई-फाइलिंग अनिवार्य होगी और सुनवाई का तरीका भौतिक एवं वर्चुअल दोनों रूपों में हो सकता है। यदि कोई आवश्यक अपील दोपहर 12 बजे से पहले दायर की जाती है और सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे होते हैं, तो उसे अगले कार्य दिवस पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में, यदि आवेदन दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे के बीच दायर होता है, तो न्यायाधिकरण या अध्यक्ष की अनुमति से इसे भी अगले दिन की सुनवाई में शामिल किया जा सकता है।