मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
सुप्रीम कोर्ट बोला- पैलेट गन से घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराएं, दिल्ली सरकार को आदेश; केंद्र हथियारों का रिकॉर्ड रखे लखनऊ नगर निगम में BJP में बगावत, 36 पार्षदों ने मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ खोला मोर्चा फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

करप्शन केस में घिरे IAS अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू, सभी संपत्तियों की जांच की जाएगी

करप्शन केस में घिरे IAS अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू, सभी संपत्तियों की जांच की जाएगी

लखनऊ: भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित किए गए आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की अब विजिलेंस जांच भी कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ खुली जांच के आदेश दिए हैं, जिसके तहत उनकी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन समीक्षा की जाएगी। विजिलेंस की टीम उनकी बरेली, पीलीभीत, हमीरपुर और लखनऊ में तैनाती के दौरान अर्जित संपत्तियों की जांच करेगी।

लखनऊ के जिलाधिकारी रहते हुए अभिषेक प्रकाश लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष (VC) भी थे। ऐसे में विजिलेंस टीम उनकी संपूर्ण कार्यकाल से जुड़ी संपत्तियों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच करेगी।

भ्रष्टाचार के आरोपों में निलंबन

उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के कारण गुरुवार को निलंबित कर दिया। इस मामले में एक बिचौलिया निकंत जैन को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

साल 2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश के खिलाफ एक सौर ऊर्जा निवेशक द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि निकंत जैन ने अभिषेक प्रकाश के नाम पर परियोजना की मंजूरी के बदले रिश्वत मांगी थी। इसी आधार पर निकंत जैन को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।

‘इन्वेस्ट यूपी’ में रिश्वतखोरी का मामला

इन्वेस्ट यूपी’ उत्तर प्रदेश सरकार की एक एजेंसी है, जो राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और सुविधाएं प्रदान करने का कार्य करती है। अभिषेक प्रकाश इसके सीईओ के रूप में कार्यरत थे।

जांच में सामने आया कि निकंत जैन ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ के अधिकारियों की मदद से एक उद्यमी की परियोजना को मंजूरी दिलाने के लिए रिश्वत की मांग की थी। पुलिस ने उसके खिलाफ गोमती नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

रिश्वत मांगने का आरोप

एफआईआर के मुताबिक, एक औद्योगिक समूह ने ‘इन्वेस्ट यूपी’ के माध्यम से सौर विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन किया था। इस प्रस्ताव की समीक्षा एक मूल्यांकन समिति द्वारा की गई थी। बाद में एक वरिष्ठ अधिकारी ने आवेदक को निकंत जैन से संपर्क करने के लिए कहा।

प्राथमिकी के अनुसार, निकंत जैन ने राज्य मंत्रिमंडल से अनुमोदन दिलाने के लिए परियोजना लागत का 5% कमीशन रिश्वत के रूप में मांगा और आवेदक को अग्रिम भुगतान करने के लिए मजबूर किया। जब आवेदक ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो निकंत जैन ने उसे धमकाया कि बिना उसकी मदद के परियोजना को स्वीकृति नहीं मिलेगी।

निकंत जैन पर पहले से दर्ज हैं धोखाधड़ी के मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, निकंत जैन पहले से ही वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मामलों में लिप्त रहा है। मेरठ, लखनऊ और एटा में उसके खिलाफ विभिन्न केस दर्ज हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन से अधिकारी और लोग शामिल रहे हैं।

सरकार ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की निवेश परियोजना को बिना किसी अनावश्यक देरी के मंजूरी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त निवेश वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Share This
अगला लेख → यूपी में युवक ने 8 कामकाजी महिलाओं से शादी कर लूटा, लाखों का…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,928 +273 (+0.35%)
निफ्टी 24,317 +67 (+0.28%)
मौसम
28°C
Light rain shower
💧 78% 💨 4 km/h
Dehradun