गुजरात यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, अब डबल डिग्री के लिए शुरू होंगे 20 नए यूजी प्रोग्राम
गुजरात विश्वविद्यालय (GU) ने अपने शैक्षणिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव किया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि वह स्नातक छात्रों को दोहरी डिग्री (Dual Degree) प्रदान करेगा। इस पहल के तहत, 20 नए स्नातक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
गुजरात विश्वविद्यालय में 67 विभाग हैं और यह 152 स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र कार्यक्रम प्रदान करता है। वर्तमान में, विश्वविद्यालय में लगभग 15,000 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। गुजरात भर में इसके 325 से अधिक संबद्ध कॉलेज हैं, जहां कला, वाणिज्य, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा और प्रबंधन सहित विभिन्न धाराओं के छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
दोहरी डिग्री के फैसले पर सहमति
गुजरात विश्वविद्यालय की 16-सदस्यीय कार्यकारी परिषद ने गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय अपने परिसर में 20 स्नातक कार्यक्रमों में दोहरी डिग्री प्रदान करेगा। यह निर्णय यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार लिया गया है। इसके तहत, बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए और बीसीए के नियमित छात्र इन 20 कार्यक्रमों में से किसी एक के तहत दूसरी स्नातक डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।
नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यह कार्यक्रम औपचारिक रूप से शुरू किए जाएंगे। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय इस संबंध में आधिकारिक घोषणा करेगा।
कार्यकारी परिषद में कौन-कौन शामिल होगा?
गुजरात विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद में शामिल होंगे:
✔ कुलपति द्वारा नामित तीन विभागाध्यक्ष
✔ कुलपति द्वारा नामित संबद्ध कॉलेजों के चार प्राचार्य
✔ कुलपति द्वारा नामित संबद्ध कॉलेजों के चार शिक्षक
✔ राज्य सरकार द्वारा नामित चार वरिष्ठ सदस्य
✔ गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का एक प्रतिनिधि
इस परिषद के अध्यक्ष कुलपति होंगे, जबकि रजिस्ट्रार को सदस्य सचिव नियुक्त किया जाएगा।
दोहरी डिग्री के पीछे मकसद
गुजरात विश्वविद्यालय की कुलपति नीरजा अरुण गुप्ता ने बताया कि यह निर्णय छात्रों के समय की बचत और प्रशासनिक परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से वित्तीय और शैक्षणिक स्वायत्तता को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, यह पहल विदेशी विश्वविद्यालयों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए भी उठाई गई है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस निर्णय से GU का शुल्क राजस्व बढ़ेगा और यह छात्रों को गुजरात विश्वविद्यालय में बनाए रखने में मदद करेगा, क्योंकि विदेशी विश्वविद्यालय भी इसी तरह के कार्यक्रम पेश कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी भी भारत में कर रहीं विस्तार
इस बीच, दो ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों ने अपने GIFT सिटी कैंपस में फिनटेक और साइबर सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा, एक ब्रिटिश विश्वविद्यालय भी इस साल भारत में अपना कैंपस स्थापित करने की योजना बना रहा है।
छात्रों को क्या फायदा होगा?
यह पहल छात्रों को बेहतर प्रतिस्पर्धी माहौल में तैयार करेगी। उन्हें ऑफलाइन और ऑनलाइन, व्यावसायिक और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के बीच चयन करने की स्वतंत्रता और लचीलापन मिलेगा।
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लागू होने के बाद, UGC ने अप्रैल 2022 में छात्रों को एक साथ दो पूर्णकालिक डिग्री हासिल करने की अनुमति दी थी। इसी के तहत, GU ने 2024-25 से 12 कॉलेजों में बीबीए छात्रों के लिए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, लेटरल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट एवं एंट्री की सुविधा शुरू की है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत, 20 स्नातक कार्यक्रमों में से प्रत्येक में 10 सीटों को इस योजना के लिए आरक्षित किया गया है। उदाहरण के लिए:
✔ समाजशास्त्र का छात्र योग विज्ञान और प्राकृतिक चिकित्सा का कोर्स चुन सकता है।
✔ इतिहास के छात्र के लिए हेरिटेज स्टडीज दूसरी डिग्री के रूप में उपलब्ध होगी।
किन कॉलेजों में मिलेगी दोहरी डिग्री की सुविधा?
गुजरात विश्वविद्यालय से संबद्ध 280 कॉलेजों में यह सुविधा दी जाएगी। हालांकि, इंजीनियरिंग, कानून, शिक्षा और चिकित्सा जैसे कोर्स इस योजना में शामिल नहीं किए गए हैं।
गुजरात विश्वविद्यालय का यह कदम छात्रों को बेहतर करियर अवसर देने और विदेशी विश्वविद्यालयों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इससे न सिर्फ छात्रों को समय की बचत होगी बल्कि उन्हें अपने विषयों के व्यापक ज्ञान का भी लाभ मिलेगा।