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बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी ! केंद्र ने कोसी-मेची नदी परियोजना को दी मंजूरी

बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी ! केंद्र ने कोसी-मेची नदी परियोजना को दी मंजूरी

नई दिल्ली: बिहार चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने उत्तर बिहार के लोगों को बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने कोसी-मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत शामिल करने की स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की कुल अनुमानित लागत 6,282.32 करोड़ रुपये होगी, जिसमें से बिहार को 3,652.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाएगी। परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है कोसी-मेची लिंक परियोजना?

इस परियोजना के तहत पूर्वी कोसी मुख्य नहर (ईकेएमसी) का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिससे कोसी नदी के जल का उपयोग कर बिहार के महानंदा बेसिन में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। ईकेएमसी को मौजूदा 41.30 किमी से बढ़ाकर 117.50 किमी तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे इसे मेची नदी से जोड़ा जा सकेगा।

किन जिलों को होगा लाभ?

इस परियोजना से बिहार के अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के किसानों को लाभ मिलेगा। इससे खरीफ के मौसम में 2,10,516 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की सिंचाई संभव होगी। इस लिंक नहर के माध्यम से कोसी नदी से 2,050 मिलियन क्यूबिक मीटर जल को सिंचाई के लिए मोड़ा जा सकेगा। साथ ही, पूर्वी कोसी मुख्य नहर की मौजूदा कमान क्षेत्र में 1.57 लाख हेक्टेयर भूमि को मिलने वाली जल आपूर्ति में सुधार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) की शुरुआत 2015-16 में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य खेतों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना, सिंचित क्षेत्र का विस्तार करना और जल संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना है। पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के तहत अब तक 63 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिससे अप्रैल 2016 से अब तक 26.11 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की सिंचाई क्षमता विकसित की गई है।

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