भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार की स्थिति क्या है? दोनों देशों में एक्सपोर्ट और इंपोर्ट क्या होते हैं?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल समझौते पर रोक, पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देने पर पाबंदी और अटारी-वाघा बॉर्डर को बंद करने जैसे फैसले शामिल थे। इसके अगले दिन, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया और व्यापारिक संबंधों को भी रोक दिया।
भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार पर नजर डालें तो भारत, पाकिस्तान को मुख्यतः रुपये के सामान भेजता है, जबकि पाकिस्तान से आयात बहुत कम होता है। 2019 के पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से सामान खरीदने की मात्रा को काफी कम कर दिया था, और तब से पाकिस्तान से आयात लगभग नगण्य हो गया है। वहीं, भारत का पाकिस्तान को निर्यात 2020 से 2024 के बीच 300 प्रतिशत बढ़ चुका है।
2018 में व्यापार का स्तर सबसे उच्चतम था। उस साल, भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार 2.35 अरब डॉलर यानी लगभग 15 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। हालांकि, पुलवामा हमले के बाद 2019 में भारत ने पाकिस्तान से आयात पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया और पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी वापस ले लिया। इसके परिणामस्वरूप, पाकिस्तान का भारत को निर्यात 2019 में 54.7 करोड़ डॉलर से घटकर 2024 में केवल 48 लाख डॉलर रह गया।
भारत पाकिस्तान को जो सामान निर्यात करता है, उनमें जैविक रसायन, औषधीय उत्पाद, खनिज, चीनी और मिठाइयां शामिल हैं। वहीं, पाकिस्तान भारत में नमक, गंधक, चूना, कपड़े और सीमेंट निर्यात करता है। पाकिस्तान के उत्पादों पर भारत में 200 प्रतिशत टैरिफ अभी भी लागू है।