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मुख्यमंत्री योगी ने शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में हाथी रेस्क्यू सेंटर का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी ने शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में हाथी रेस्क्यू सेंटर का किया शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जानवरों में भी संवेदनाएं होती हैं। यदि उन्हें सही व्यवहार और आत्मीयता दी जाए तो वे मनुष्यों के पास आसानी से आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हम प्रकृति, पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील रहते हैं तो हम एक स्वस्थ संतुलन बनाए रख सकते हैं। पर्यावरण के साथ मेलजोल रखने से हमें उत्तम वातावरण मिलता है। मुख्यमंत्री ने यह बातें सोमवार को शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में हाथी रेस्क्यू सेंटर के उद्घाटन के दौरान कहीं। इसके साथ ही उन्होंने तितली उद्यान का लोकार्पण किया और एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने यहां पौधरोपण किया और हाथियों और गैंडों को गन्ना, केला, गुड़-चना आदि खिलाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले सात-आठ सालों में उत्तर प्रदेश में 100 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया है, जिससे राज्य का वनाच्छादन बढ़ा है। इसके अलावा, कैंपियरगंज में जटायु संरक्षण केंद्र भी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जल्दी भूमि उपलब्ध होती है तो वहां हॉर्टिकल्चर और फॉरेस्टिक यूनिवर्सिटी का केंद्र स्थापित किया जाएगा, क्योंकि यह समय की मांग है।

उन्होंने आगे कहा कि नई पीढ़ी को पर्यावरण के महत्व को समझना चाहिए और पर्यावरण के लिए हानिकारक कारकों से बचना चाहिए ताकि वर्तमान और भविष्य दोनों की पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो सके। सीएम ने अपील की कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें और वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोरखपुर के प्राणि उद्यान में अब तक 30 लाख से अधिक लोग आए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक विद्यार्थी हैं। यह प्राणि उद्यान पर्यावरण और मनोरंजन का बेहतरीन स्रोत है। उन्होंने यह भी बताया कि गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने यहां हाथी रेस्क्यू सेंटर में गंगा प्रसाद नामक हाथी दान किया है, जो एक नया प्रयोग है।

मुख्यमंत्री ने बहराइच से लाए गए दो भेड़ियों का नामकरण भी किया। नर भेड़ी का नाम उन्होंने भैरव और मादा का नाम भैरवी रखा। इसके अलावा, पीलीभीत टाइगर रिजर्व से लाए गए बाघ का नाम उन्होंने केसरी रखा। इस अवसर पर वन-पर्यावरण राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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