यीडा बढ़ाएगा कृषि भूमि की कीमतें, नई दर निर्धारित, इन किसानों को होगा लाभ
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने औद्योगिक और शहरीकरण परियोजनाओं के लिए कृषि भूमि की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है। अब प्राधिकरण किसानों से कृषि भूमि 3,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बजाय 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से खरीदेगा। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 28 मार्च को होने वाली बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। यह निर्णय किसानों द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया है।
दरअसल, दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे और चौथे चरण के लिए अधिग्रहित भूमि की कीमत 3,400 रुपये से बढ़ाकर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी थी। हालांकि, तब इस दर में कृषि भूमि को शामिल नहीं किया गया था, जिससे किसानों में असंतोष फैल गया। पहले, सरकार ने अक्टूबर 2022 में भूमि की कीमत 2,650 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 3,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर की थी, लेकिन किसानों की मांग थी कि उन्हें भी वही कीमत मिले जो एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित भूमि के लिए तय की गई थी।
यीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अरुण वीर सिंह ने कहा कि प्राधिकरण ने उन किसानों को 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा देने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिनकी जमीन औद्योगिक और शहरीकरण परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जानी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट परियोजना के बाहर जिन किसानों की भूमि विकास कार्यों के लिए अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें भी समान दर पर मुआवजा दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को 28 मार्च की बोर्ड बैठक में प्रस्तुत कर अनुमोदन लिया जाएगा।
मिर्जापुर गांव के किसान मुकेश भाटी ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह किसानों के हित में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भूमि दरों में वृद्धि नहीं की गई, तो किसान अपनी जमीन विकास परियोजनाओं के लिए देने को तैयार नहीं होंगे।