लखनऊ से कानपुर का सफर सिर्फ 50 मिनट में
लखनऊ – लखनऊ से कानपुर तक ट्रैफिक जाम की समस्या आम हो गयी है अब इससे निजात दिलाने के लिए NHAI जल्द ही इसके लिए एक एक्सप्रेस-वे का निर्माण करने जा रहा है लगभग 63 किमी लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माणकार्य अगले साल अप्रैल से शुरू होगा। लॉकडाउन के कारण एनएचएआई भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू नहीं कर सका है।
एनएचएआई के मुताबिक अमौसी से बनी तक करीब 13 किमी रोड एलिवेटेड होगी। इस एक्सप्रेस-वे को कानपुर में प्रस्तावित रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। इससे लखनऊ और कानपुर का सफर महज 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे बनी से नवाबगंज बर्ड सेंचुरी होते हुए कानपुर से जुड़ेगा। करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत वाला एक्सप्रेस-वे उन्नाव के 31 और लखनऊ के 11 गांवों से होकर गुजरेगा। अधिग्रहण होने वाली जमीनों के लिए किसानों को सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने इस आशय का गजट कर दिया है।
लखनऊ से कानपूर तक बनने वाले यह एक्सप्रेस वे अमौसी, बनी, बंथरा, सिकंदरपुर, बेहससा, चिल्लावां, गेहरू, गौरी, खांडेदेव, मीरनपुर पिनवट, नटकुर और सराय शहजारी गांव से गुजरेगा। इन गांवों से 20 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण होना है। वहीं उन्नाव के बजेहरा, हिनौरा, हसनापुर, सहारावन, काशीपुर, भीखामऊ, कंथा, सरिया, बछौरा, कुदिकापुर/मनिकापुर, मेडपुर, रायपुर, तुरी छबिनाथ, तुरी राजा साहिब, पाठकपुर, तऊरा, जगेहठा, पडरी खुर्द, जरगांव, गौरी शंकरपुर ग्रांट, नवेरना, शिपुर ग्रांट, अदेरवा, बेहटा, मोद्दिनपुर, अमरसुस, करौंदी, कोरारी कलन, कादेर पटारी में जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।