हार्ट अटैक बार-बार क्यों होता है? समय रहते अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
आज के समय में खराब दिनचर्या और असंतुलित खानपान की वजह से अब हार्ट अटैक सिर्फ उम्रदराज लोगों की बीमारी नहीं रह गई है। युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं, जो कि बेहद चिंताजनक है। बदलती जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी और जंक फूड की आदतें इस खतरे को और बढ़ा रही हैं। ऐसे में दिल की सेहत को लेकर सतर्क रहना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।
क्या बार-बार आ सकता है हार्ट अटैक?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक इंसान को ज़िंदगी में तीन बार तक हार्ट अटैक आ सकता है। हालांकि यह संख्या व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, इलाज और देखभाल पर निर्भर करती है। कुछ लोगों को इससे कम बार जबकि कुछ को इससे अधिक बार भी दिल का दौरा पड़ सकता है। खासतौर पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग अधिक जोखिम में रहते हैं, लेकिन अब ये खतरा युवाओं तक भी पहुंच गया है।
कैसे करें दिल की देखभाल? अपनाएं ये असरदार उपाय
- वजन को रखें नियंत्रण में – मोटापा हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजहों में से एक है।
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं – ये दोनों आदतें दिल की सेहत के लिए ज़हर के समान हैं।
- संतुलित आहार लें – ताजे फल, सब्जियां, होल ग्रेन्स को अपने भोजन में शामिल करें और जंक फूड से परहेज करें।
- नियमित व्यायाम और योग करें – दिन में कम से कम 30 मिनट वॉक, एक्सरसाइज या योग जरूर करें।
- तनाव को करें कंट्रोल – मेडिटेशन और पर्याप्त नींद लेकर मानसिक तनाव से बचें।
सावधानी के संकेत – इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर आपको अचानक सीने में दर्द हो, सांस लेने में दिक्कत हो, अत्यधिक पसीना आए या दांत और जबड़े में असहजता महसूस हो, तो यह हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इसके अलावा चक्कर आना, बेचैनी, उलझन, गैस या जी मचलाना भी अलर्ट करने वाले लक्षण हैं। ऐसे समय में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें – देर करना जानलेवा साबित हो सकता है।