मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
UP International Trade Show का आगाज, अमित शाह-योगी ने दिखाई यूपी के हुनर की ग्लोबल ताकत योगी सरकार का बड़ा ग्लोबल दांव, UPITS 2026 में 85 देशों के खरीदारों से जुड़ेंगे यूपी के उद्यमी पंजाब में ED रेड पर सियासी संग्राम, सिसोदिया बोले- छापेमारी में कुछ नहीं मिलने वाला SIR विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘वोट चोरी’ के बाद पाप धोने के लिए लाया गया SIR अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा का अनोखा स्वागत, बुलडोजर से बरसाए गए फूल पंजाब में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती को CM मान ने दिए निर्देश लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा यूपी चुनाव 2027 में JDU की एंट्री तेज, वाराणसी से निशांत कुमार करेंगे सियासी लॉन्चिंग

कृषि और आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई ताकत, CM योगी ने किया मौसम केंद्र का शुभारंभ

कृषि और आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई ताकत, CM योगी ने किया मौसम केंद्र का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र प्रदेश में मौसम संबंधी सटीक जानकारी उपलब्ध कराने, कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जन-धन की हानि को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां केवल 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि होने के बावजूद देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 21 प्रतिशत योगदान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन को 35 से 36 प्रतिशत तक बढ़ाने की क्षमता मौजूद है, जिसे आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों की मदद से हासिल किया जा सकता है। उनके अनुसार क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र किसानों को समय पर और सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध कराकर कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौसम संबंधी पूर्वानुमानों को और अधिक सटीक बनाने के लिए राज्य सरकार अपना अलग सैटेलाइट स्थापित करना चाहती है। इसके लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से भी अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मौसम निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के लिए अब तक 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और 2000 रेनगेज स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ में आधुनिक एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर राडार लगाए जा रहे हैं, जिससे मौसम संबंधी जानकारी और अधिक विश्वसनीय हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम चक्र के कारण ऋतुओं के समय में लगभग एक महीने का अंतर देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर कृषि और खाद्यान्न उत्पादन पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि इस चुनौती को गंभीरता से नहीं लिया गया तो भविष्य में खाद्यान्न संकट जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए विकास के साथ-साथ प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना भी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने यह भी बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार मौसम विभाग को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी, ताकि मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

कार्यक्रम में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र, क्षेत्रीय केंद्र नई दिल्ली के प्रमुख डॉ. दुष्मंत रंजन पटनायक, लखनऊ केंद्र के प्रमुख डॉ. मनीष रमेश रानाल्कर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना से उत्तर प्रदेश में मौसम आधारित सेवाओं को नई दिशा मिलेगी और किसानों, आम नागरिकों तथा प्रशासन को समय पर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

Share
अगला लेख → बरेली में आई क्रस्ट स्टोर मालिक आशुतोष अग्रवाल के घर ED का छ…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *