दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन पर CM योगी का तीखा हमला, बोले- राजनीतिक अस्तित्व भी गंवाना पड़ेगा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने और राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और इसी तरह अलोकतांत्रिक तरीके से अस्थिरता पैदा करती रही, तो राजनीतिक रूप से जो कुछ बचा है, वह भी गंवाना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में मीडिया से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी जनता का विश्वास खो चुकी है। इसके बावजूद कांग्रेस अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रही है। योगी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व को इस बात पर विचार करना चाहिए कि जनता उसे बार-बार क्यों नकार रही है।
सीएम योगी ने दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी पिछले कई दिनों से राजधानी में अव्यवस्था पैदा कर रही है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के नाम पर आम लोगों को परेशान करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस के रवैये पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब पार्टी चुनाव जीतती है तो इसे अपनी उपलब्धि और पुरुषार्थ बताती है, लेकिन हारने पर ईवीएम, चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है। योगी ने न्यायपालिका का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जब अदालतें तथ्यों और कानूनी आधार पर फैसले देती हैं, तो कांग्रेस के नेता उन फैसलों और संस्थाओं को भी कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1985 के बाद से पार्टी प्रदेश में दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकी। उन्होंने कहा कि देश के कई अन्य राज्यों में भी जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पार्टी को लगातार मिल रही राजनीतिक अस्वीकृति के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने में जुटी है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर निष्क्रियता और कथित भ्रष्ट आचरण के आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से देश में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से बचने की अपील की।
सीएम योगी ने चेतावनी दी कि भारत की जनता लोकतांत्रिक रूप से जागरूक है और वह अराजक या असंवैधानिक आचरण को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता की लोकतांत्रिक चेतना को कम करके नहीं आंकना चाहिए। यदि पार्टी ने अपना रवैया नहीं बदला, तो उसे भविष्य में और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच सियासी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।