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सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर अखिलेश यादव का हमला, सरकार से पूछे तीखे सवाल

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर अखिलेश यादव का हमला, सरकार से पूछे तीखे सवाल

जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और पूरे घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी जताई।

अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार हर नागरिक को है। उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है, तो उसे इस तरह हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने सरकार से इस कार्रवाई के कारणों को स्पष्ट करने की मांग की।

इससे पहले सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने भी अस्पताल ले जाने और उपचार की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि उनकी सहमति के बिना कोई भी चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं की जानी चाहिए। इस बयान के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

उधर, प्रशासन का कहना है कि सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, उठाए गए सभी कदम कानूनी प्रक्रिया और चिकित्सकीय मानकों के तहत किए गए हैं।

सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर से हटाए जाने और अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां विपक्ष सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, वहीं प्रशासन अपने कदमों को कानून और सुरक्षा के लिहाज से उचित बता रहा है।

फिलहाल मामले को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है और सभी की निगाहें सरकार तथा संबंधित अधिकारियों की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।

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