‘2017 से पहले यूपी में उत्सव नहीं, उपद्रव होते थे’, बरेली में CM योगी का विपक्ष पर हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में पर्व और त्योहारों के दौरान उत्सव के बजाय उपद्रव का माहौल बन जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आज लोग बिना डर के घरों से निकल रहे हैं और मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिरों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और जगह-जगह स्थापित दुर्गा पूजा के पंडाल लोगों के सुरक्षा के प्रति बढ़े भरोसे को दर्शाते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले त्योहारों के आने से पहले ही उपद्रव की आशंका बनी रहती थी। उन्होंने बरेली का उदाहरण देते हुए कहा कि अब नवरात्रि के पहले दिन से ही बड़ी संख्या में लोग मां भगवती की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह लगातार देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या और व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने मां विंध्यवासिनी और सीतापुर स्थित मां ललिता देवी मंदिर समेत विभिन्न शक्तिपीठों में पहुंच रहे श्रद्धालुओं का जिक्र करते हुए कहा कि लोग उत्साह के साथ दर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश की छवि और कानून-व्यवस्था में बदलाव लाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र तथा राज्य की डबल इंजन सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को लेकर देश और दुनिया में धारणा बदली है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले प्रदेश के लोगों को राज्य के बाहर कई बार पहचान और सम्मान से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उनके मुताबिक, लोगों को धर्मशालाओं और होटलों में कमरे लेने से लेकर बसों और ट्रेनों में सफर करने तक दिक्कतें होती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के लोगों के प्रति नजरिया बदला है और लोग उनसे दूरी बनाने के बजाय करीब आने तथा गले मिलने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की बदली हुई छवि से जोड़कर पेश किया।
कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था में किए गए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने के साथ-साथ होमगार्ड, प्रांतीय रक्षक दल (PRD), ग्राम चौकीदारों और ग्राम प्रहरियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, गांवों से लेकर शहरों तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में इन सभी की भागीदारी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि लोगों को सम्मान और स्वावलंबन का अवसर देना भी है। उन्होंने जोर दिया कि जब नागरिकों को अपनी सुरक्षा पर भरोसा होता है, तो वे बिना डर के अपने कामकाज और जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।