पंजाब में फिर बनेगी AAP सरकार? सर्वे में कांग्रेस, BJP और SAD को भी हो रहा फायदा ?
पंजाब की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले एक नए ओपिनियन पोल ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है।
सवाल है कि क्या मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी एक बार फिर पंजाब की सत्ता में वापसी करने जा रही है? या फिर 2022 में 92 सीटें जीतकर इतिहास रचने वाली आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता अब धीरे-धीरे कम होने लगी है?
ताजा SCORE ओपिनियन पोल के मुताबिक, अगर पंजाब में अभी विधानसभा चुनाव होते हैं, तो आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। लेकिन इस बार तस्वीर 2022 जैसी एकतरफा दिखाई नहीं दे रही।
एक तरफ आम आदमी पार्टी की सीटें घटने का अनुमान है, दूसरी तरफ कांग्रेस को वापसी की उम्मीद दिखाई दे रही है। बीजेपी भी अपने लिए संभावनाएं तलाश रही है, जबकि शिरोमणि अकाली दल के सामने अपना पुराना राजनीतिक आधार बचाने की चुनौती है।
और सबसे बड़ी बात, सर्वे में 16 सीटों पर कड़ी टक्कर की बात सामने आई है। इन सीटों का नतीजा पंजाब की राजनीति का पूरा गणित बदल सकता है।
तो आखिर इस ओपिनियन पोल में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलने का अनुमान है? आम आदमी पार्टी की ताकत कहां है और कमजोरी कहां? कांग्रेस क्या भगवंत मान सरकार को चुनौती दे सकती है? बीजेपी और अकाली दल के लिए आगे की राह कितनी मुश्किल है?
आज के इस वीडियो में इन सभी सवालों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे। इसलिए वीडियो को आखिर तक जरूर देखिए।
लेकिन सबसे पहले एक जरूरी बात। यह ओपिनियन पोल है, चुनाव का अंतिम परिणाम नहीं। चुनाव में अभी समय है और मतदाताओं की राय बदल सकती है।
पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 59 सीटों की जरूरत होती है। SCORE के पहले पंजाब ट्रैकर सर्वे में आम आदमी पार्टी को 69 से 82 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। यानी सर्वे के निचले अनुमान को भी देखें, तो आम आदमी पार्टी बहुमत के आंकड़े से आगे दिखाई देती है।
कांग्रेस को 17 से 34 सीटें मिलने का अनुमान है। भारतीय जनता पार्टी को 4 से 12 सीटें मिल सकती हैं। शिरोमणि अकाली दल के खाते में 2 से 6 सीटें जाने का अनुमान है। वहीं, अमृतपाल सिंह से जुड़ी पार्टी अकाली दल यानी वारिस पंजाब दे को भी 2 से 6 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
अब वोट शेयर की बात करें, तो सर्वे में आम आदमी पार्टी को लगभग 38 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 24 प्रतिशत, बीजेपी को 14 प्रतिशत, शिरोमणि अकाली दल को 12.5 प्रतिशत और वारिस पंजाब दे को 8.5 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है।
इन आंकड़ों से एक बात साफ होती है कि फिलहाल आम आदमी पार्टी बढ़त में दिखाई दे रही है। लेकिन उसके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह पिछली बार जैसी बड़ी जीत दोहरा पाएगी?