आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान,तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों तक पहुंच चुका है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के खतरे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंकों के साथ 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया था। तट पर पहुंचने के बाद भी कई इलाकों में खराब मौसम का खतरा बना हुआ है।
पांच जिलों में स्कूल बंद, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
चक्रवात के खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को शैक्षणिक संस्थान बंद रखने की घोषणा की गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
पेड़ उखड़े, बिजली और यातायात पर असर
तेज हवाओं और बारिश के कारण कुछ इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली की आपूर्ति बाधित होने और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की खबरें हैं। प्रशासन राहत और बचाव की तैयारियों में जुटा है। संवेदनशील तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर चक्रवात राहत केंद्रों का इस्तेमाल करने की व्यवस्था की गई है।
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। समुद्र में ऊंची लहरों और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी बना रह सकता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय अधिकारियों की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें, समुद्र के पास जाने से बचें और बिना जरूरी कारण घर से बाहर न निकलें।