पंजाब में राहुल गांधी की एंट्री से गरमाएगी सियासत, 2027 के लिए कांग्रेस का क्या है प्लान?
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर से राहुल गांधी कांग्रेस के चुनावी अभियान का आगाज करने जा रहे हैं। तारीख है 4 नवंबर और रैली का नाम है ‘हिसाब मांगो’।
सवाल है कि आखिर कांग्रेस ने मिशन 2027 के शंखनाद के लिए संगरूर को ही क्यों चुना? क्या राहुल गांधी का यह दौरा पंजाब कांग्रेस को नई दिशा देने की कोशिश है? और क्या कांग्रेस आम आदमी पार्टी की सरकार को सीधे उसके ही सियासी मैदान में चुनौती देने की तैयारी कर रही है?
दरअसल, राहुल गांधी का संगरूर दौरा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का अहम पड़ाव माना जा रहा है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने इस दौरे की घोषणा की है। पार्टी का मकसद कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, संगठन को मजबूत करना और जनता से जुड़े मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाना है
संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है और मालवा क्षेत्र पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इसी इलाके से चुनावी अभियान शुरू करके कांग्रेस आम आदमी पार्टी की सरकार को राजनीतिक चुनौती देने का संदेश देना चाहती है।
लेकिन सवाल यह भी है कि क्या रैली में जुटने वाली भीड़ संगठन की मजबूती में बदलेगी? क्या कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाकर चुनावी तैयारियों को गति दे पाएगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में पार्टी की गतिविधियों से मिलेंगे।
राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस के सामने अपनी अंदरूनी एकजुटता बनाए रखने और जमीनी संगठन को मजबूत करने की चुनौती भी है। पार्टी नेतृत्व की बैठकों में चुनावी रणनीति और नेताओं के बीच समन्वय पर चर्चा हो रही है।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी भी संगठन को मजबूत करने में जुटी है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल भी अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान की तैयारी कर रहे हैं। यानी 2027 की लड़ाई से पहले पंजाब में राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।