MLC चुनाव में योगी ने बचाया BJP का किला, मोदी के वाराणसी और फडणवीस-गडकरी के नागपुर में पार्टी को झटका!
उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र तक विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने बढ़ाई बीजेपी की चिंता। योगी के गढ़ गोरखपुर में कांटे की टक्कर, वाराणसी में सपा की जीत और नागपुर में कांग्रेस की वापसी ने खड़े किए कई सियासी सवाल।
विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने बीजेपी के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में बीजेपी प्रत्याशी ने बेहद कम अंतर से जीत दर्ज की, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। महाराष्ट्र के नागपुर में भी कांग्रेस ने बीजेपी को शिकस्त देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता और संगठन की ताकत की लगातार चर्चा होती रही है। लेकिन एमएलसी चुनाव में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम बीजेपी के लिए राहत के साथ चेतावनी भी लेकर आया।
बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को महज 307 वोटों से हराया। इतने कम अंतर से मिली जीत बताती है कि इस चुनाव में मुकाबला बेहद कड़ा रहा। अब सवाल है कि क्या बीजेपी इस नतीजे से मिले संकेतों को गंभीरता से लेगी?
मोदी के वाराणसी में बीजेपी को झटका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की। बीजेपी ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन पार्टी को सफलता नहीं मिली।
यह परिणाम इसलिए भी अहम है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच हर राजनीतिक दल अपने संगठन और मतदाता आधार की ताकत पर नजर रख रहा है।
हालांकि, विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता वर्ग आम विधानसभा चुनाव के मतदाता वर्ग से अलग होता है। इसलिए वाराणसी के नतीजे को सीधे विधानसभा चुनाव का परिणाम मानना जल्दबाजी होगी।