NCR या बेंगलुरु में घर खरीदना अब महंगा ! सपनों के घर पर कितना खर्च आएगा ?
पिछले कुछ वर्षों में भारत के रियल एस्टेट बाजार में जबरदस्त विकास हुआ है, विशेषकर बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रमुख शहरों में, जहां आवासीय संपत्तियों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। एनारॉक की एक रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के गुंजूर जैसे उपनगरों में पिछले पांच वर्षों में आवासीय संपत्तियों की कीमतें 69% बढ़कर ₹5,030 प्रति वर्ग फुट से ₹8,500 प्रति वर्ग फुट हो गई हैं।
वहीं, दिल्ली-एनसीआर के द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र में ये बढ़ोतरी और भी अधिक प्रभावशाली रही है। यहां 2019 में ₹5,359 प्रति वर्ग फुट कीमतें अब 2024 में ₹10,350 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई हैं, यानी 93% की वृद्धि। इसी तरह, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी आवासीय संपत्तियों की कीमतें 66% बढ़कर ₹8,400 प्रति वर्ग फुट हो गई हैं।
इन कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास है, जैसे मेट्रो परियोजनाओं का विस्तार, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, और बेहतर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी। इन विकास परियोजनाओं ने न केवल रियल एस्टेट निवेशकों को आकर्षित किया है, बल्कि मध्यम और लक्जरी वर्ग के खरीदारों की रुचि भी बढ़ाई है।
नोएडा की कीमतें अब औसतन ₹1.05 करोड़ तक पहुंच चुकी हैं, जबकि यह क्षेत्र दिल्ली और गुरुग्राम जैसे प्रमुख स्थानों के मुकाबले अधिक किफायती और आकर्षक विकल्प प्रदान करता है।
बेंगलुरु के बाहरी क्षेत्र जैसे गुंजूर और देवनहल्ली, बेहतर कनेक्टिविटी और विशाल भूमि के कारण रियल एस्टेट डेवलपर्स और खरीदारों के लिए आदर्श बन चुके हैं। महामारी के बाद, इन बाहरी क्षेत्रों की मांग में वृद्धि हुई है, क्योंकि लोग हरियाली और कम भीड़-भाड़ वाली जगहों की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आवासीय संपत्तियों की कीमतें 10-15% तक बढ़ सकती हैं। बेंगलुरु के परिधीय क्षेत्रों में भी लक्जरी और प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं के लिए निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए इनकी कीमतों में वृद्धि संभव है।
इस तरह, बुनियादी ढांचे के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और रणनीतिक स्थानों की वजह से रियल एस्टेट बाजार में यह तेजी जारी रहने की उम्मीद है। दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु जैसे हबों में बढ़ती कीमतें यह दिखाती हैं कि भारत का रियल एस्टेट बाजार निवेश और विकास के लिए एक मजबूत मंच बना हुआ है।