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चंदा चोरी के आरोपी के साथ अखिलेश यादव का नाम घसीटने पर भड़की सपा, भाजपा सांसद के खिलाफ तहरीर

लखनऊ, 7 जुलाई। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में मुख्य आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के साथ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम जोड़ने को लेकर सियासी विवाद और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के खिलाफ लखनऊ में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की […]

चंदा चोरी के आरोपी के साथ अखिलेश यादव का नाम घसीटने पर भड़की सपा, भाजपा सांसद के खिलाफ तहरीर

लखनऊ, 7 जुलाई। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में मुख्य आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के साथ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम जोड़ने को लेकर सियासी विवाद और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के खिलाफ लखनऊ में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही पार्टी ने सांसद निशिकांत दुबे और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के एक अन्य उपयोगकर्ता सवर्ण प्रसाद बालासुब्रमण्यम को मानहानि का कानूनी नोटिस भी भेजा है।

विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट से हुई, जिसमें एक उपयोगकर्ता ने दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव की समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से बातचीत होती थी। इस पोस्ट को भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने रीपोस्ट करते हुए टिप्पणी की, “टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?”

अखिलेश यादव का नाम चंदा चोरी प्रकरण से जोड़ने पर बढ़ा विवाद, मानहानि नोटिस भी भेजा; निशिकांत बोले- कानून के तहत खुद शिकायत करें

इस पर अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद को 10 मिनट के भीतर पोस्ट हटाने और सार्वजनिक माफी मांगने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ नामजद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जिन्होंने भी इस कथित झूठे दावे को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है, वे पोस्ट हटाकर माफी मांगें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।

हालांकि, डॉ. निशिकांत दुबे ने पोस्ट हटाने से इनकार करते हुए पलटवार किया। उन्होंने अखिलेश यादव की चेतावनी वाले पोस्ट को टैग करते हुए लिखा, “जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है। 1990 में राम भक्तों पर गोली किसने चलवाई? मैं भी अदालत जाऊंगा।”

मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने इस मामले को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ में तहरीर दी। पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका ने शिकायत में आरोप लगाया कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और सवर्ण प्रसाद बालासुब्रमण्यम ने सोशल मीडिया के माध्यम से अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने और झूठे आरोपों का प्रचार-प्रसार किया है। शिकायत में दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

तहरीर दिए जाने के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने फिर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार यदि अखिलेश यादव स्वयं को पीड़ित मानते हैं तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से थाने जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारतीय न्याय संहिता के कानून के अनुसार खुद अखिलेश यादव जी को थाने जाकर शिकायत दर्ज करानी होगी। कानून का पालन करिए।”

यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। जांच के आधार पर दर्ज मुकदमे में आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे भी स्वीकार किए जा चुके हैं, जबकि एसआईटी की जांच अभी जारी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विपक्ष लगातार भाजपा और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक दुष्प्रचार करार देते हुए विपक्ष के आरोपों का लगातार जवाब दे रही है। ऐसे में सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है।

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