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फॉरेंसिक तकनीक से सशक्त होंगे यूपी के कारागार, कारागार विभाग और फॉरेंसिक संस्थान के बीच एमओयू

उत्तर प्रदेश में कारागार प्रशासन को वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित बनाने के लिए कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं तथा यूपी राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस पहल से अधिकारियों का प्रशिक्षण, संयुक्त शोध, फॉरेंसिक तकनीकों का उपयोग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

फॉरेंसिक तकनीक से सशक्त होंगे यूपी के कारागार, कारागार विभाग और फॉरेंसिक संस्थान के बीच एमओयू

लखनऊ, 22 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में न्याय व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित बनाने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान, लखनऊ के बीच शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते पर महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पी.सी. मीना तथा उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने इसे प्रदेश की न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

एमओयू के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से फॉरेंसिक प्रशिक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान, कार्यशालाएं, विशेषज्ञ व्याख्यान, इंटर्नशिप, पाठ्यक्रम विकास और शोध परियोजनाओं का संचालन करेंगे। इससे कारागार विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की वैज्ञानिक समझ, तकनीकी दक्षता और पेशेवर क्षमता में वृद्धि होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में फॉरेंसिक क्षमताओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक न्याय व्यवस्था में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है और फॉरेंसिक विज्ञान निर्दोषों की सुरक्षा तथा अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है।

महानिदेशक पी.सी. मीना ने कहा कि यह समझौता कारागार प्रशासन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान आधारित निर्णय प्रक्रिया और आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को नई दिशा देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि फॉरेंसिक संस्थान के सहयोग से अधिकारियों का कौशल विकास, नवाचार और क्षमता निर्माण मजबूत होगा, जिससे प्रदेश की न्याय प्रणाली और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनेगी।

कार्यक्रम में डॉ. जी.के. गोस्वामी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया तथा महानिदेशक पी.सी. मीना ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अंत में उप महानिरीक्षक एस.सी. शाक्य ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेन्द्र सिंह, डीआईजी हेमराज मीणा, प्रदीप गुप्ता, सुभाष शाक्य, पी.एन. पाण्डेय, डॉ. रामधनी, वित्त नियंत्रक आबिद अंसारी, वरिष्ठ अधीक्षक रंगबहादुर पटेल, डॉ. हबीब, पीआरओ अंकित कुमार, संतोष तिवारी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

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