मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
लखनऊ नगर निगम में BJP में बगावत, 36 पार्षदों ने मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ खोला मोर्चा फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं

आला रे आला गणपति आला: जानें गणेश चतुर्थी पर बप्पा का स्वागत, स्थापना की विधि, मुहूर्त, महत्व और मंत्र

आला रे आला गणपति आला: जानें गणेश चतुर्थी पर बप्पा का स्वागत, स्थापना की विधि, मुहूर्त, महत्व और मंत्र

गणेश चतुर्थी 2025 का पर्व देशभर में 27 अगस्त को धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को श्री गणेश जी का अवतरण हुआ था, जिसे ‘विघ्नहर्ता’ और ‘सर्वप्रथम पूज्य’ माना जाता है। दस दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव की शुरुआत इसी दिन होती है और विसर्जन अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर) को किया जाएगा।

चतुर्थी तिथि आरंभ: 26 अगस्त दोपहर 1:53 बजे

समापन: 27 अगस्त दोपहर 3:43 बजे

स्थापना मुहूर्त: 27 अगस्त, सुबह 11:05 से दोपहर 1:40 तक सबसे शुभ।

गणपति स्थापना की विधि
मूर्ति चयन: मिट्टी या प्राकृतिक पदार्थों से बनी गणपति प्रतिमा लें।

पवित्र स्थान चुनें: घर के किसी साफ और शांत जगह, उत्तर-पूर्व दिशा सबसे शुभ है।

स्थान शुद्धि: स्थापना स्थान को गंगाजल या शुद्ध जल से पोंछें।

प्रतिष्ठा: स्वस्तिक बनाएं, लाल कपड़ा बिछाएं और प्रतिमा की स्थापना करें।

श्रृंगार व पूजन सामग्री: दूर्वा, मोदक, फूल, अक्षत, रोली, लड्डू आदि अर्पित करें।

आरती व प्रार्थना: परिवार सहित आरती, गणेश मंत्र और स्तोत्र का पाठ करें।

गणेश चतुर्थी का महत्व
गणेश चतुर्थी को संकटों के नाश, समृद्धि की प्राप्ति और कार्य में सफलता के लिए बेहद शुभ माना गया है। भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ कहते हैं, इसीलिए गणपति की स्थापना और पूजा से सभी कष्ट एवं विघ्न दूर होते हैं तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

Share This
अगला लेख → भारत पर 50% टैरिफ से ट्रंप ने मार ली पैर अपने पर कुल्हाड़ी, …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,649 -6 (-0.01%)
निफ्टी 24,246 -4 (-0.02%)
मौसम
28°C
Patchy light rain
💧 79% 💨 9 km/h
Dehradun