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चारधाम यात्रा के महज 38 दिनों में चौथा हेलिकॉप्टर हादसा हुआ, जिसमें सभी यात्री सुरक्षित बच निकले।

चारधाम यात्रा के महज 38 दिनों में चौथा हेलिकॉप्टर हादसा हुआ, जिसमें सभी यात्री सुरक्षित बच निकले।

उत्तराखंड – केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में है, टेकऑफ के दौरान तकनीकी खामी से हुई इमरजेंसी लैंडिंग
बात है शनिवार दोपहर की जब उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर एक निजी हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। हेलीकॉप्टर ने बडासू हेलिपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के कुछ ही सेकंड बाद तकनीकी खामी सामने आई। गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं, हालांकि पायलट घायल हो गया। यह इस यात्रा सीजन की चौथी हेलीकॉप्टर दुर्घटना है।

उत्तराखंड की देवभूमि एक बार फिर हेलीकॉप्टर दुर्घटना का साक्षी बनी। बडासू हेलिपैड से जैसे ही क्रिस्टल कंपनी का हेलीकॉप्टर केदारनाथ के लिए उड़ा, पायलट को कुछ तकनीकी परेशानी महसूस हुई। कुछ ही पलों में यह स्पष्ट हो गया कि स्थिति सामान्य नहीं है। पायलट ने तुरंत निर्णय लेते हुए हेलिकॉप्टर को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर इमरजेंसी लैंड कराया। टेल क्षतिग्रस्त हुई, सड़क पर खड़ी गाड़ी को नुकसान पहुंचा, लेकिन सौभाग्यवश कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाएं श्रद्धालुओं के लिए वरदान मानी जाती हैं, लेकिन बार-बार हो रही दुर्घटनाएं अब इन्हें चिंता का विषय बना रही हैं। तकनीकी खामियां, अनुभवहीन संचालन और निगरानी की कमी एक बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। क्या श्रद्धालुओं की जान की कीमत पर कमाई करना वाजिब है? प्रशासन को चाहिए कि इन सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सख्त निगरानी रखे।

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