दिल टूटने से जुड़ी समस्या बढ़ा सकती है हार्ट डिजीज़, जानिए बाबा रामदेव से कैसे रखें दिल को फिट
काम के दौरान जब भी कुछ पल मिलें, तो एक गहरी सांस लें और धीरे-धीरे पूरी सांस छोड़ें। अगर मुमकिन हो, तो थोड़ी देर पैदल भी चल लें। चाहे ये आदत केवल दो मिनट की ही क्यों न हो, पर यकीन मानिए, इससे आपके दिल की सहनशक्ति यानी Cardiovascular Endurance बेहतर होती है।
आजकल इसकी ज़रूरत पहले से कहीं ज्यादा है, क्योंकि दिल से जुड़ी समस्याएं, खासतौर पर ‘दिल टूटने’ से होने वाली मौतों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आमतौर पर हम सोचते हैं कि दिल प्यार में टूटता है — आप गलत नहीं हैं। जज्बातों का असर वाकई दिल की धड़कनों पर पड़ता है और मेडिकल साइंस भी अब इसे गंभीरता से ले रही है।
लेकिन असली खतरा केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि आज की खराब जीवनशैली, तनाव और असंतुलित खानपान से है।
दिल टूटना: एक मेडिकल कंडीशन
जिसे हम आम भाषा में ‘दिल टूटना’ कहते हैं, उसे हार्ट ब्रोकन सिंड्रोम कहा जाता है। यह एक तरह का कार्डियक डिसऑर्डर है, जो अत्यधिक मानसिक या शारीरिक तनाव के कारण होता है। इसमें एड्रेनालिन हार्मोन इतनी मात्रा में निकलता है कि दिल की मांसपेशियां सही तरीके से काम करना बंद कर देती हैं।
लक्षण क्या होते हैं?
- सीने में अचानक दर्द
- सांस लेने में परेशानी
- दिल की धड़कनों का असामान्य होना
- हर वक्त थकावट महसूस होना
अगर समय रहते इसे संभाला न जाए, तो यह स्ट्रोक, हार्ट फेलियर या कार्डियोजेनिक शॉक तक पहुंच सकता है। रिसर्च बताती है कि हार्ट संबंधी मौतों में लगभग 6.5% मौतें हार्ट ब्रोकन सिंड्रोम के कारण होती हैं।
पुरुष ज़्यादा प्रभावित:
अक्सर कहा जाता है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से ज़्यादा संवेदनशील होती हैं, लेकिन Journal of American Heart Association की रिपोर्ट बताती है कि पुरुषों का दिल ज़्यादा टूटता है। वजह? वे जज्बात ज़ाहिर नहीं करते और हर बोझ अंदर ही रख लेते हैं।
तो क्या करें?
- अपनी भावनाएं साझा करें
- तनाव को अकेले झेलने की बजाय दूसरों से बात करें
- मानसिक और शारीरिक सेहत दोनों का ख्याल रखें
भारत – दिल के मरीजों की राजधानी
- हर साल 30,000 से ज़्यादा मौतें सिर्फ हार्ट अटैक से
- कम उम्र में ब्लड प्रेशर, शुगर – बड़ी वजहें
- युवाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है
दिल की सेहत: खुद जांचें
घर पर आसान टेस्ट:
- 1 मिनट में 50–60 सीढ़ियां चढ़कर देखें
- 20 बार बिना रुके उठक-बैठक करें
- जार से ढक्कन आसानी से खोल पाएं
अगर इनमें कठिनाई हो, तो अलर्ट हो जाइए।
बचाव के उपाय
- स्मोकिंग और शराब से दूर रहें
- जंक फूड की बजाय घर का बना हेल्दी खाना खाएं
- नियमित योग, प्राणायाम, वॉकिंग या साइकलिंग करें
- तनाव पालें नहीं, शेयर करें
- समय-समय पर चेकअप कराएं
हेल्थ चेकअप शेड्यूल:
- ब्लड प्रेशर: महीने में एक बार
- ब्लड शुगर: हर 3 महीने में
- कोलेस्ट्रॉल: हर 6 महीने में
- आई टेस्ट: 6 महीने में
- फुल बॉडी चेकअप: साल में एक बार
नेचुरल तरीका – दिल को बनाएं मज़बूत
प्राकृतिक काढ़ा:
- 1 चम्मच अर्जुन की छाल
- 2 ग्राम दालचीनी
- 5 तुलसी की पत्तियां
इन सबको पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। रोज सुबह सेवन करने से दिल मजबूत रहता है।