भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ से अमेरिका में क्या होगा महंगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत से आयातित सामानों पर 25% टैरिफ लगाने के फैसले के पीछे ब्रिक्स समूह और अमेरिका के भारत के साथ भारी व्यापार घाटे का हवाला दिया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, “हम भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिसमें ब्रिक्स का मुद्दा भी शामिल है।” उन्होंने ब्रिक्स को अमेरिका विरोधी देशों का समूह बताते हुए इसे अमेरिकी मुद्रा पर हमला करार दिया। साथ ही, रूस से कच्चा तेल और सैन्य उपकरण खरीदने पर अतिरिक्त जुर्माना लगाने की घोषणा की, जिसमें ब्रिक्स और व्यापार घाटे की भूमिका को रेखांकित किया।
25% टैरिफ से अमेरिका में भारत से आयातित स्मार्टफोन, कपड़े, ऑटो पार्ट्स, रत्न-आभूषण और दवाएं महंगी हो जाएंगी। रायटर्स के अनुसार, भारत अमेरिका को प्रमुख रूप से स्मार्टफोन, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, पॉलिश्ड डायमंड, रेडीमेड गारमेंट्स और फार्मास्यूटिकल्स सप्लाई करता है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के विश्लेषण के मुताबिक, भारत स्मार्टफोन निर्माण का प्रमुख केंद्र है, जहां मिड-रेंज एंड्रॉयड फोन और Apple जैसे ब्रांड्स के फोन बनते हैं। इस टैरिफ से अमेरिकी उपभोक्ताओं को इन उत्पादों के लिए 17% तक अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है, जैसा कि एसोसिएटेड प्रेस और येल बजट लैब ने अनुमान लगाया है।
पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में भारत से अमेरिका को विभिन्न सामानों का निर्यात और उन पर लगे टैरिफ निम्नलिखित हैं:
- मशीनरी और इलेक्ट्रिकल उपकरण: $17.2 बिलियन, टैरिफ 0.6%
- ज्वैलरी: $9.9 बिलियन, टैरिफ 24%
- कपड़े: $9.6 बिलियन, टैरिफ 9.0%
- दवाएं: $8.1 बिलियन, टैरिफ 0%
- केमिकल्स: $4.8 बिलियन, टैरिफ 2.5%
- मिनरल प्रोडक्ट्स: $6.0 बिलियन, टैरिफ 6.4%
- एनिमल प्रोडक्ट्स: $2.1 बिलियन, टैरिफ 0.6%
- एयरक्राफ्ट: $0.5 बिलियन, टैरिफ 1.8%
- जूते: $0.4 बिलियन, टैरिफ 5.8%
निष्कर्ष
ट्रंप का यह निर्णय भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया, लेकिन व्यापार में भारत के रुख को लेकर असंतोष जताया। इस टैरिफ से न केवल अमेरिकी उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव भी बढ़ सकता है। भारत और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के परिणाम इस स्थिति को और स्पष्ट करेंगे।