लीबिया में 7 भारतीयों का अपहरण, परिजनों ने लगाई मोदी सरकार से गुहार
कुशीनगर – भारत से रोज़ी रोटी कमाने गए भारतीयों का लीबिया में अपहरण हो गया है. लीबिया में आतंकियों ने 7 भारतीयों का अपहरण किया है. आतंकियों ने जिनका अपहरण किया है, उसमें कुशीनगर, देवरिया, बिहार और आंध्रप्रदेश के रहने वाले लोग हैं. कुशीनगर के मुन्ना उर्फ मनोज चौहान भी इन लोगों में शामिल हैं. मुन्ना के परिजनों का कहना है कि इन सातों भारतीयों को छोड़ने के लिए 20 लाख डॉलर की मांग आतंकवादियों की तरफ से हुई है.
ये सभी लोग लीबिया में मजदूरी करने गए थे और एक साल बाद अपने घर वापस लौट रहे थे. 17 सितंबर को सभी लोग भारत लौटने वाले थे लेकिन इससे पहले इन सभी का आपहरण कर लिया गया. जानकारी होने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है. मुनना के परिजन अब केन्द्र सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं.
पता चला है कि इन 7 भारतीयों का एयरपोर्ट के रास्ते में आतंकियों द्वारा अपहरण किया गया. घटना 15 और 16 सितम्बर के बीच की बताई जा रही है. सभी 7 भारतीयों को 17 सितम्बर को इस्ताम्बुल हवाई अड्डे से दिल्ली रवाना होना था. इसी बीच अपहरणकर्ताओं ने अपरहण कर लिया.
अपहरणकर्ताओं के चंगुल में फंसे एक भारतीय मुन्ना उर्फ मनोज चौहान भी हैं, जो कुशीनगर के खड्डा थाना क्षेत्र के गड़हिया बसंतपुर गांव के निवासी हैं. ये सातों लोग दिल्ली स्थित एक कंपनी एनडी एंटरप्राइजेस के मार्फत लीबिया गए थे. घर वाले किसी भी अनहोनी से डरे हुए हैं और भारत सरकार से अपने लोगों के घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं.