मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए खुशखबर , अब फिलीपींस में भी उन्हें मेडिसिन प्रैक्टिस का मिलेगा मौका

मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए खुशखबर , अब फिलीपींस में भी उन्हें मेडिसिन प्रैक्टिस का मिलेगा मौका

भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। फिलीपींस सरकार ने अपने चिकित्सा अधिनियम में संशोधन किया है, जिसके तहत अब भारतीय छात्रों को इस देश में रजिस्ट्रेशन कराकर चिकित्सा प्रैक्टिस करने का अधिकार मिल गया है। यह बदलाव भारतीय छात्रों के लिए फिलीपींस में मेडिकल करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।

भारतीय छात्रों के लिए फायदेमंद
फिलीपीन कांग्रेस ने फिलीपीन मेडिकल एक्ट 1959 में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है, जिससे अब विदेशी नागरिकों को भी फिलीपींस में मेडिकल प्रैक्टिस करने का मौका मिलेगा। नए नियमों के अनुसार, जो भारतीय छात्र CHED (कमीशन ऑन हायर एजुकेशन) से मान्यता प्राप्त फिलीपीन संस्थानों से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की डिग्री प्राप्त करेंगे और 12 महीने की इंटर्नशिप पूरी करेंगे, वे फिलीपींस में रजिस्टर होकर चिकित्सा प्रैक्टिस कर सकते हैं। यह बदलाव भारतीय छात्रों को फिलीपींस में मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने और हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।

यह संशोधन फिलीपींस के लंबे समय से लागू रहे 1959 के चिकित्सा अधिनियम को बदलते हुए प्रतिनिधि सभा में भारी बहुमत से पास हुआ है। इसका उद्देश्य शैक्षिक मानकों को बढ़ाना, एथिकल प्रैक्टिस को बढ़ावा देना, और सुनिश्चित करना है कि फिलीपींस ग्लोबल मेडिकल एजुकेशन में अग्रणी बना रहे।

नए कानून का प्रभाव
विभिन्न देशों में भारतीय छात्रों को शिक्षा का अवसर मिलता है, लेकिन अधिकतर देशों में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए चिकित्सा प्रैक्टिस की अनुमति सीमित होती है। ऐसे में फिलीपींस का यह नया कानून एक महत्वपूर्ण बदलाव है। CHED-मान्यता प्राप्त कॉलेजों से डिग्री प्राप्त करने वाले और इंटर्नशिप पूरी करने वाले भारतीय छात्र अब फिलीपींस में रजिस्टर कर सकते हैं और चिकित्सा प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं। उनके द्वारा प्राप्त की गई डिग्रियां भारतीय चिकित्सा आयोग के मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे उन्हें भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा प्रैक्टिस करने का अवसर मिलेगा।

यह बदलाव फिलीपींस और भारत के बीच शैक्षिक संबंधों को और मजबूत करेगा। किंग्स इंटरनेशनल मेडिकल अकादमी के निदेशक और ट्रांसवर्ल्ड एजुकेयर के डायरेक्टर कडविन पिल्लई का कहना है कि यह फिलीपींस को एशिया में मेडिकल शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करता है। उल्लेखनीय है कि हर साल लगभग 2,000 भारतीय छात्र अपनी मेडिकल शिक्षा के लिए फिलीपींस को चुनते हैं, और इस देश की सस्ती शिक्षा, कम रहने की लागत और बेहतर माहौल इसे भारतीय छात्रों के बीच लोकप्रिय बनाता है।

Share This
अगला लेख → गूगल में 10% कर्मचारियों की छंटनी, ये सभी कर्मचारी पर गिरेगी…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Patchy rain nearby
💧 91% 💨 4 km/h
Dehradun