गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल
लखनऊ/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत हो गई है। बुधवार को केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया गया। इस सेवा का उद्देश्य टैक्सी संचालन से जुड़े ड्राइवरों को उनकी मेहनत और कमाई का सीधा लाभ दिलाना है। कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में करीब 50 से 60 हजार लोग इससे जुड़े।
भारत टैक्सी को सहकारिता आधारित परिवहन सेवा के तौर पर शुरू किया गया है। इसमें ड्राइवरों की भूमिका सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सहकारी मॉडल के जरिए उन्हें अपनी कमाई पर अधिक सीधा अधिकार देने का प्रयास किया जाएगा। सरकार की ओर से इसे युवाओं और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आय के नए अवसर के रूप में पेश किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुरलीधर मोहोल ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहलों में शामिल है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की गई थी। उनके मुताबिक, वर्तमान में देश में करीब 32 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय की ओर से 160 से अधिक नई पहल शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य सहकारिता को गांव, किसान और आम लोगों की आर्थिक प्रगति का माध्यम बनाना है। उन्होंने बताया कि करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 80 हजार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों यानी पैक्स के कंप्यूटरीकरण का काम भी किया जा रहा है।
मोहोल ने कहा कि देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य दुग्ध उत्पादन क्षमता में करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का है। उन्होंने कहा कि सहकारिता को केवल पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर नए क्षेत्रों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है और भारत टैक्सी भी इसी दिशा में एक पहल है।
सहकारिता क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देश में पहला सहकारिता विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे युवाओं को तैयार करना है, जो सहकारिता के क्षेत्र में पहले से प्रशिक्षित होकर पेशेवर तरीके से काम कर सकें।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने युवाओं से भारत टैक्सी सेवा से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मॉडल में अपनी गाड़ी और अपना काम होने से कमाई का लाभ सीधे परिवार तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि मेहनत किसी की हो और उसका लाभ किसी दूसरे को मिले, ऐसी व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।
ब्रजेश पाठक ने सहकारिता के पुराने स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि गरीब, किसान और मध्यम वर्ग का सहकारिता से पुराना संबंध रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान सहकारिता विभाग में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार बढ़ा था। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कई राजनीतिक आरोप भी लगाए और कहा कि वर्तमान सरकार के दौरान सहकारी बैंकों को मजबूत करने तथा किसानों को लाभ पहुंचाने पर काम किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने सरकार की ओर से गरीबी कम करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए किए गए कार्यों का भी जिक्र किया।
वहीं, उत्तर प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर ने किसानों को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि लघु विकास बैंक यानी एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर घटाकर छह प्रतिशत की जाएगी। उनके मुताबिक, पहले एलडीबी का ऋण करीब 18 प्रतिशत ब्याज पर मिलता था, जिसे बाद में घटाकर 14 प्रतिशत और फिर करीब 11 से साढ़े 11 प्रतिशत तक किया गया।
जेपीएस राठौर ने कहा कि एलडीबी मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों को ऋण उपलब्ध कराता है, जिन्हें अन्य माध्यमों से कर्ज लेने में कठिनाई हो सकती है। ब्याज दर छह प्रतिशत होने के बाद किसानों के लिए ऋण की लागत कम होगी। उन्होंने इसे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से किसानों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का भी उल्लेख किया। राठौर ने कहा कि सरकार सहकारिता क्षेत्र को किसानों और युवाओं के लिए भरोसेमंद व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है।
भारत टैक्सी की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में सहकारिता आधारित कैब सेवा का नया मॉडल सामने आया है। सरकार की योजना के अनुसार, इसके जरिए ड्राइवरों को परिवहन सेवा से होने वाली कमाई में अधिक सीधा हिस्सा दिलाने और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।