योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान
लखनऊ, 23 सितंबर। उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए योगी सरकार ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार ने प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर फीडरवार मॉनिटरिंग, वैकल्पिक बिजली व्यवस्था और संभावित कोयला संकट से निपटने की योजना पर जोर दिया गया है।
इसी सिलसिले में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने शक्ति भवन में प्रदेश की विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव स्रोत से आवश्यक बिजली की व्यवस्था की जाए। साथ ही भविष्य में कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से बेहतर वैकल्पिक योजना तैयार करने को कहा।
बैठक में फीडर स्तर पर बिजली आपूर्ति की निगरानी को विशेष महत्व दिया गया। रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों से कहा कि नगरीय, तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। फीडर मीटरों से मिलने वाले आंकड़ों का नियमित विश्लेषण किया जाए और जहां भी कमी या समस्या सामने आए, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों और क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। इसके लिए फीडरवार कार्ययोजना तैयार कर नियमित कार्रवाई करने को कहा गया है। अधिकारियों को विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना के साथ काम करने और उसके परिणामों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
आगामी त्योहारों को देखते हुए सभी वितरण निगमों को पहले से प्रभावी योजना तैयार करने को कहा गया है। डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को प्रतिदिन बिजली आपूर्ति की समीक्षा करनी होगी और इसकी विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ भेजनी होगी। रिपोर्ट में जिलेवार फीडरों की स्थिति, ब्रेकडाउन और रोस्टिंग की जानकारी शामिल होगी।
इसके अलावा डिस्कॉम स्तर के कंट्रोल रूम में हर दो घंटे पर फीडरवार रिपोर्ट मंगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य किसी भी समय किसी फीडर की वास्तविक स्थिति की जानकारी हासिल करना और समस्या सामने आते ही उसका समाधान कराना है। सरकार का फोकस खास तौर पर त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने पर है।
समीक्षा बैठक में बिजली आपूर्ति के साथ-साथ विद्युत व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, बिल वितरण और वसूली, बिजली चोरी रोकने, विद्युत दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और विद्युत कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। रणवीर प्रसाद ने स्वतंत्र फीडर के उपभोक्ताओं से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित संपर्क कर बिजली आपूर्ति का फीडबैक लेने के निर्देश दिए।
बैठक में बिजनेस प्लान के तहत चल रहे कार्यों को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि लखनऊ समेत प्रदेश के उन क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए, जहां बिजली आपूर्ति को लेकर बार-बार समस्याएं सामने आ रही हैं। उद्देश्य यह है कि ऐसे क्षेत्रों में स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा सके।
बैठक में प्रबंध निदेशक नितीश कुमार, उत्पादन निगम, एसएलडीसी और पावर कॉरपोरेशन के निदेशक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार के निर्देशों के बाद अब वितरण निगमों को फीडर स्तर तक बिजली आपूर्ति की निगरानी मजबूत करने और त्योहारों से पहले आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर देना होगा।