मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

यूपी मानवाधिकार आयोग के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार, सुरक्षा की मांग करता था

यूपी मानवाधिकार आयोग के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार, सुरक्षा की मांग करता था

गाजियाबाद पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बताकर अधिकारियों से सुरक्षा की मांग करता था। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय अनस मलिक के रूप में हुई है, जो मुरादाबाद के कांठ रोड का निवासी है। उसने यूपी मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के रूप में 8 नवंबर को मुरादाबाद, गाजियाबाद, अमरोह और नोएडा के जिलाधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की थी। लेकिन जब अधिकारियों ने इन पत्रों की जांच की, तो उन्होंने पाया कि मलिक का आयोग से कोई संबंध नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) सच्चिदानंद ने बताया कि मलिक ने अधिकारियों को गुमराह करने के लिए यह झूठा दावा किया था। पूछताछ में उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और चालक के रूप में काम करता था। यह कोई पहली बार नहीं था जब इस तरह के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया हो; इससे पहले भी फर्जी पीएमओ अधिकारी और फर्जी पुलिस अधिकारी तथा डीएम बने लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इसी प्रकार एक और मामला सामने आया, जिसमें सरकारी कागजों में एक बुजुर्ग व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया। कन्नौत के तिर्वा तहसील क्षेत्र के गांव वाहिदपुर के निवासी हरनाथ पाल को सरकारी दस्तावेजों में मृत बताया गया है। इसके कारण वह सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते हुए अपनी जीवित होने की सच्चाई साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

Share This
अगला लेख → Etawah : पुलिस लाइन में एसएसपी ने सलामी दी और पुलिस जवानों क…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
25°C
Thundery outbreaks in nearby
💧 86% 💨 4 km/h
Dehradun