काला जादू से घट रही हाइट! 165 से 158 सेंटीमीटर हुई लंबाई, युवक ने कलेक्टर से लगाई गुहार
आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में एक युवक की ओर से की गई अनोखी शिकायत इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। युवक ने जिला कलेक्टर के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में दावा किया है कि काला जादू और जादू-टोने के कारण उसकी लंबाई लगातार कम हो रही है। युवक ने अधिकारियों से कथित तौर पर जादू-टोना करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता की पहचान सुधाकर के रूप में बताई गई है। वह कुरनूल जिले के कोडुमुरु मंडल के पलकुर्थी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, सुधाकर स्नातक तक पढ़ाई कर चुका है और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा है। शिकायत से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आने की बात कही जा रही है।
सुधाकर का दावा है कि पहले उसकी लंबाई करीब 165 सेंटीमीटर थी, लेकिन अब घटकर लगभग 158 सेंटीमीटर रह गई है। उसका आरोप है कि कुछ अज्ञात लोग उस पर काला जादू कर रहे हैं और इसी वजह से उसके शरीर में कई तरह के बदलाव महसूस हो रहे हैं। उसने अधिकारियों से मामले की जांच कर कथित तौर पर जादू-टोना करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में सुधाकर ने अपने बड़े भाई की मौत को लेकर भी जादू-टोने की आशंका जताई है। उसने अधिकारियों को बताया कि उसके शरीर और व्यवहार में भी बदलाव महसूस हो रहे हैं। उसका दावा है कि दिन और रात के समय उसके व्यवहार में अंतर दिखाई देता है और रात में उसे अपनी लंबाई तेजी से कम होती हुई महसूस होती है।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस शिकायत को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति की लंबाई काला जादू या जादू-टोने के कारण कम होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए सुधाकर की ओर से किए गए दावे की पुष्टि केवल वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर में असामान्य बदलाव महसूस होना या अपने शारीरिक स्वरूप को लेकर लगातार चिंता कई अलग-अलग चिकित्सकीय कारणों से जुड़ी हो सकती है। ऐसे में किसी भी असामान्य शारीरिक बदलाव की स्थिति में डॉक्टर से जांच और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
फिलहाल सुधाकर की शिकायत के बाद मामले को अधिकारियों के स्तर पर देखा जा रहा है। शिकायत में लगाए गए काला जादू और जादू-टोने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस पूरे मामले में वैज्ञानिक जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।