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अमेरिका के ग्रीनलैंड पर कब्जे के सपने को तगड़ा झटका, संसदीय चुनाव में ट्रंप विरोधी पार्टी की जीत

अमेरिका के ग्रीनलैंड पर कब्जे के सपने को तगड़ा झटका, संसदीय चुनाव में ट्रंप विरोधी पार्टी की जीत

    ग्रीनलैंड में हुए संसदीय चुनाव के नतीजों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका दिया है। ट्रंप, जो लंबे समय से ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लाने की इच्छा जता रहे थे, अब उनके लिए यह और भी मुश्किल हो सकता है। इस चुनाव में अमेरिका की नीतियों की मुखर विरोधी पार्टी ने जीत दर्ज कर वॉशिंगटन के लिए चिंता बढ़ा दी है।

    ग्रीनलैंड के इस चुनाव में मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी ‘डेमोक्रेटिट पार्टी’ ने सबसे अधिक मत प्राप्त कर जीत हासिल की है। यह नतीजा न केवल ग्रीनलैंड के आंतरिक मुद्दों को उजागर करता है बल्कि अमेरिका के ग्रीनलैंड पर संभावित नियंत्रण के विचार के खिलाफ भी एक कड़ा संदेश है।

    अमेरिका के लिए बड़ा झटका

    इस चुनाव की घोषणा ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री म्यूट बोरुप एगेडे ने तय समय से पहले ही कर दी थी। उनका मानना था कि देश एक ऐसे “गंभीर दौर” से गुजर रहा है, जो पहले कभी अनुभव नहीं किया गया। यह चुनाव ऐसे समय में हुआ, जब ट्रंप ने हाल ही में दोहराया था कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हर हाल में हासिल करेगा। ग्रीनलैंड, जो डेनमार्क का स्वशासित क्षेत्र है, रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां दुर्लभ खनिजों के विशाल भंडार हैं, जिनका उपयोग मोबाइल फोन से लेकर अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकी तक में किया जाता है।

    स्वतंत्रता की ओर बढ़ता ग्रीनलैंड

    ग्रीनलैंड की कुल आबादी 56,000 है, और यह 2009 से ही स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, इस चुनाव में डेनमार्क से पूर्ण स्वतंत्रता कोई मुख्य मुद्दा नहीं था, लेकिन अधिकांश पार्टियां इससे सहमत हैं कि ग्रीनलैंड को एक दिन अलग होना चाहिए।

    इस चुनाव में प्रमुख पांच दलों में से चार ने स्वतंत्रता की वकालत की, लेकिन इसका समय और तरीका क्या होगा, इस पर उनकी राय अलग-अलग रही। सबसे कट्टरपंथी रूप से स्वतंत्रता का समर्थन करने वाली पार्टी ‘नालेराक’ है, जबकि विजेता ‘डेमोक्रेटिट’ अधिक संतुलित और धीमी प्रक्रिया की समर्थक है।

    भविष्य की राजनीति कैसी होगी?

    अब सवाल यह है कि ‘डेमोक्रेटिट’ सरकार बनाने के लिए किसके साथ गठबंधन करेगी। यह तय करेगा कि ग्रीनलैंड की स्वतंत्रता का रास्ता तेज होगा या धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। ‘पोलर रिसर्च एंड पॉलिसी इनिशिएटिव’ के प्रबंध निदेशक ड्वेन मेनेजेस का मानना है कि ग्रीनलैंड की भविष्य की दिशा इस गठबंधन पर निर्भर करेगी।

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