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बीएचयू टेंडर घोटाला , अनियमितता और धोखाधड़ी के मामले में पांच लोगों पर मुकदमा

बीएचयू टेंडर घोटाला , अनियमितता और धोखाधड़ी के मामले में पांच लोगों पर मुकदमा

    वाराणसी, उत्तर प्रदेश में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के संचालन के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय पवन कुमार सिंह के आदेश पर लंका पुलिस ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के दो चिकित्सकों, डॉ. कैलाश कुमार और डॉ. एएनडी द्विवेदी सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट ने लंका थाना प्रभारी को यह निर्देश भी दिया है कि वे इस मामले की विवेचना करें और रिपोर्ट पेश करें।

    यह मामला डॉ. उदयभान सिंह की ओर से सामने आया, जिन्होंने अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी के माध्यम से कोर्ट में आवेदन दिया था। उन्होंने बताया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने 6 अप्रैल 2024 को सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के संचालन के लिए टेंडर निकाला था। इस टेंडर में नोबेल हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर डॉ. उदयभान सिंह ने 19 सितंबर 2024 को बोली लगाई थी। इसके अलावा, पल्स डायग्नोसिस ने भी टेंडर के लिए आवेदन किया था। हालांकि, टेंडर की शर्तों के अनुसार, सभी प्रमाण पत्र और दस्तावेज वैध होने चाहिए थे, लेकिन पल्स डायग्नोसिस द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजात वैध नहीं पाए गए। इसी आधार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया और मामला कोर्ट तक पहुंचा।

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