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गौतम गंभीर को हटाने की अटकलों पर BCCI का जवाब: फैसला कमिटी करेगी

गौतम गंभीर को हटाने की अटकलों पर BCCI का जवाब: फैसला कमिटी करेगी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर इन दिनों तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। खासतौर पर यह चर्चा तेज है कि रेड बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट फॉर्मेट के लिए भारत को अलग कोच मिल सकता है, जबकि गंभीर सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। इन अटकलों की वजह उनके कार्यकाल में टेस्ट और वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया का कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है।

गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में करारा झटका लगा। भारत को घरेलू सरजमीं पर पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इन दोनों ही सीरीज में टीम इंडिया एक भी टेस्ट मैच जीत या ड्रॉ नहीं करा सकी। इसके अलावा, न्यूजीलैंड की अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम ने भारत को घर में ही वनडे सीरीज में मात दी। हालांकि, इसी अवधि में भारतीय टीम का प्रदर्शन टी20 इंटरनेशनल में शानदार रहा है और टीम लगातार सफल रही है।

इन्हीं विरोधाभासी नतीजों के बीच यह सवाल उठने लगे कि क्या टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग कोच नियुक्त किया जाएगा। इस पूरे मुद्दे पर अब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि लोग अपनी-अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन ऐसे फैसले लेने के लिए बोर्ड के पास सक्षम और अनुभवी लोग मौजूद हैं।

देवजीत सैकिया ने कहा, “भारत 140 करोड़ लोगों का देश है और यहां हर कोई खुद को क्रिकेट एक्सपर्ट मानता है। हर किसी की अपनी राय होती है और यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है। मीडिया, पूर्व क्रिकेटर और आम लोग – सभी अपनी बातें कहते हैं, खासकर सोशल मीडिया पर अटकलों की कोई कमी नहीं है।”

उन्होंने आगे साफ किया कि बीसीसीआई में फैसले भावनाओं या अटकलों के आधार पर नहीं लिए जाते। उनके मुताबिक, बोर्ड के पास एक क्रिकेट कमिटी है, जिसमें पूर्व क्रिकेटर शामिल हैं, और टीम चयन के लिए पांच सदस्यीय चयन समिति भी है। यही लोग प्रदर्शन, परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लेते हैं।

इस बीच, पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी का बयान भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर भारत टी20 वर्ल्ड कप 2026 नहीं जीतता है तो गौतम गंभीर को हेड कोच पद से हटाया जाना चाहिए। तिवारी लंबे समय से गंभीर के आलोचक रहे हैं और उनके कोचिंग कार्यकाल पर सवाल उठाते रहे हैं।

फिलहाल, बीसीसीआई की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कोचिंग स्टाफ से जुड़े किसी भी फैसले पर सोच-समझकर और उचित मंच पर ही निर्णय लिया जाएगा, न कि केवल अटकलों या दबाव के आधार पर।

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