80वें आजादी दिवस पर CM भगवंत मान का बड़ा संदेश, महिलाओं की आर्थिक आजादी से लेकर ‘रंगला पंजाब’ तक का विजन
फिरोजपुर कैंट बोर्ड स्टेडियम में आयोजित 80वें आजादी दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बार का आजादी दिवस पंजाब की महिलाओं के लिए ‘आर्थिक आजादी’ का साल साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत पंजीकृत 74.59 लाख महिलाओं में से 65 लाख से ज्यादा महिलाओं को सम्मान राशि मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि इससे मां-बेटियों को अपनी जरूरतों के मुताबिक पैसे खर्च करने की आर्थिक स्वतंत्रता मिल रही है।
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार महान शहीदों और राष्ट्रीय नायकों के सपनों के अनुरूप पंजाब को खुशहाल और विकसित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य ‘रंगला पंजाब’ बनाना है, जिसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई, सुरक्षा और नशे के खिलाफ अभियान जैसे क्षेत्रों में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में अब तक 69,093 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि पंजाब के करीब 88 प्रतिशत खेतों तक नहर का पानी पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ सड़क सुरक्षा फोर्स भी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हुसैनीवाला पहुंचकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव समेत देश के महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सारागढ़ी की ऐतिहासिक लड़ाई में शहादत देने वाले 21 बहादुर सिख सैनिकों को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि फिरोजपुर और हुसैनीवाला की धरती देश के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों की कुर्बानियों की गवाह रही है। शहीदों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए हुसैनीवाला में 25 करोड़ रुपये की लागत से ‘विरासती कॉम्प्लेक्स’ बनाया जा रहा है।
भगवंत मान ने 1947 के विभाजन की त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा कि देश के बंटवारे की सबसे बड़ी कीमत पंजाब ने चुकाई थी। लाखों परिवारों को अपना घर और जमीन छोड़कर पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बंटवारा सिर्फ जमीन का नहीं था, बल्कि परिवारों, रिश्तों और भावनाओं का भी बंटवारा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी पंजाब के लोग सीमा पार स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के खुले दर्शन की अरदास करते हैं। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की देश और पंजाब के प्रति सेवाओं और उनके साहस को भी सलाम किया।