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प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा,संगम क्षेत्र डूबा

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा,संगम क्षेत्र डूबा

संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। अब तक घाटों तक सीमित पानी धीरे-धीरे निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है। कई घाट जलमग्न हो चुके हैं, जबकि संगम रिवर फ्रंट रोड भी पूरी तरह पानी में डूब गई है। महाकुंभ-2025 के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई इस सड़क पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है।

फिलहाल दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया जा रहा है, लेकिन कानपुर बैराज से छोड़ा गया भारी मात्रा में पानी प्रयागराज के लिए चिंता बढ़ा रहा है। यह पानी शहर तक पहुंचने के बाद नदियों के जलस्तर में और इजाफा हो सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा होने की आशंका है।

संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और जिले में करीब 100 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वाटर बैरिकेडिंग की गई है। लोगों को बैरिकेडिंग पार कर गहरे पानी में जाने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। नाविकों को भी सावधानी बरतने और श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न ले जाने की हिदायत दी गई है। नावों में लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य किया गया है।

अब प्रशासन की नजर गंगा और यमुना के जलस्तर के साथ-साथ कानपुर बैराज से आने वाले पानी पर टिकी है। अगले कुछ घंटों में जलस्तर की स्थिति प्रयागराज में बाढ़ के खतरे की दिशा तय कर सकती है।

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