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यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में अकेले चुनाव लड़ेगी BSP, मायावती ने किया बड़ा ऐलान

यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में अकेले चुनाव लड़ेगी BSP, मायावती ने किया बड़ा ऐलान

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि बसपा इन तीनों राज्यों में किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन या चुनावी समझौता किए बिना अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। लखनऊ में हुई पार्टी की समीक्षा बैठक में चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए और जमीनी स्तर पर सक्रिय, कर्मठ और ईमानदार कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अभी से पूरी ताकत के साथ तैयारी शुरू करनी होगी, ताकि बेहतर चुनावी परिणाम हासिल किए जा सकें।

बसपा प्रमुख ने गठबंधन की राजनीति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में गठबंधन के कारण पार्टी को सीटों के साथ-साथ वोट प्रतिशत के स्तर पर भी नुकसान उठाना पड़ा है। इसी अनुभव को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में बसपा अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी।

बैठक के दौरान पंजाब में बसपा के संगठन और जनाधार की भी समीक्षा की गई। मायावती ने पार्टी नेताओं से राज्य में संगठन को और मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान के लिए सक्रिय करने को कहा। उन्होंने विरोधी दलों की राजनीतिक रणनीतियों का मुकाबला करते हुए पार्टी के जनाधार को बढ़ाने पर जोर दिया।

मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पिछले वर्ष दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा 15 जनवरी 2027 को ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के अवसर पर पार्टी की ओर से किए जाने वाले आर्थिक सहयोग को पहले से बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।

मायावती ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए अंबेडकरवादी विचारधारा और बसपा के आंदोलन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य गरीबों, बेरोजगारों और वंचित वर्गों के लिए ऐसी नीतियों को आगे बढ़ाना है, जिससे उन्हें गरीबी और बेरोजगारी से मुक्ति के साथ सम्मानजनक जीवन का अवसर मिल सके। आगामी चुनावों को देखते हुए उन्होंने पार्टी संगठन को पूरी तरह सक्रिय और मजबूत रखने के निर्देश दिए।

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