यूपी चुनाव से पहले योगी सरकार का हेल्थकेयर दांव, शिक्षकों से आंगनबाड़ी तक को 5 लाख का कैशलेस इलाज
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार का फोकस हेल्थकेयर सुविधाओं के विस्तार पर नजर आ रहा है। राज्य सरकार ने अलग-अलग कर्मचारी और वर्कर ग्रुप्स को कैशलेस मेडिकल इलाज की सुविधा के दायरे में शामिल करना शुरू किया है। शिक्षकों, प्रांतीय रक्षक दल यानी PRD के जवानों, स्कूलों में खाना बनाने वाले रसोइयों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के लिए परिवार सहित कैशलेस इलाज की घोषणा की गई है। सरकार के इन फैसलों से बड़ी संख्या में लोगों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने जुलाई में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना की शुरुआत की थी। इसके दायरे में उच्च शिक्षा विभाग के तहत आने वाले विश्वविद्यालयों, सहायता प्राप्त गैर-सरकारी कॉलेजों, सेल्फ-फाइनेंस्ड कोर्स और सेल्फ-फाइनेंस्ड कॉलेजों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य शामिल किए गए हैं। योजना के तहत पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का हेल्थ कवरेज मिलेगा।
इस योजना में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती, इलाज, दवाइयों और डिस्चार्ज से जुड़े खर्च को कवर किया जाएगा। योजना में 1900 से ज्यादा उपचार पैकेज शामिल हैं। इनमें कैंसर, हृदय रोग और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रांतीय रक्षक दल यानी PRD के जवानों के लिए भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का ऐलान किया। मुख्यमंत्री PRD कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 31 हजार से अधिक PRD वॉलंटियर्स और उनके परिवार के सदस्य हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज के लिए पात्र होंगे। यह सुविधा सरकारी और सरकार की ओर से सूचीबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएगी।
स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को भी इस स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। सीएम योगी ने रसोइयों के मानदेय में 1,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी के साथ उनके और उनके परिवार के लिए 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की है।
वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय भी 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके अलावा दोनों वर्गों और उनके परिवारों के लिए सालाना 5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल सुविधा देने की घोषणा की गई है।
सरकार की इन घोषणाओं से साफ है कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अलग-अलग कर्मचारी और कार्यकर्ता वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। चुनाव से पहले हेल्थकेयर सुविधाओं का यह विस्तार राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इन योजनाओं का सीधा लाभ बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों तक पहुंच सकता है।